इंदौर में कांग्रेस के कार्यकारी शहर अध्यक्ष विशाल गोलू अग्निहोत्री के घर पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की छापेमारी का सिलसिला मंगलवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। ईडी के अधिकारियों ने गोलू के घर से 1.5 करोड़ रुपये की अघोषित नकदी बरामद की, इसके साथ ही कई दस्तावेज, लैपटॉप और मोबाइल फोन भी जब्त किए गए। ईडी की इस कार्रवाई के दौरान कांग्रेस नेता पर क्रिकेट सट्टा और डब्बा कारोबार के साथ मनी लॉन्ड्रिंग के गंभीर आरोप लगाए गए हैं।

ईडी की टीम ने रविवार रात दिल्ली एयरपोर्ट पर विशाल गोलू अग्निहोत्री को हिरासत में लिया था, जब वह दुबई से वापस लौट रहे थे। इसके बाद, सोमवार सुबह उनके घर पर छापा मारा गया। इस दौरान ईडी ने स्थानीय पुलिस को सूचित किए बिना कार्रवाई की, और कांग्रेस नेता के घर में सुरक्षा के लिए सीआरपीएफ के जवान तैनात किए गए थे। सूत्रों के मुताबिक, यह छापेमारी ईडी की लंबी जांच का हिस्सा है, जिसमें क्रिकेट सट्टा और मनी लॉन्ड्रिंग के अलावा शैल कंपनियों के जरिए संदिग्ध लेन-देन का पता चला है।

दुबई से जुड़ी जानकारी और शैल कंपनियां
ईडी की जांच में यह भी सामने आया है कि गोलू के दुबई में कुछ संपत्तियां खरीदने और शैल कंपनियां बनाने की जानकारी मिली है। यह कंपनियां उनके करीबी रिश्तेदारों के नाम पर बनाई गई थीं। इन शैल कंपनियों के माध्यम से देश और विदेश से धन का रोटेशन किया जाता था, जिससे मनी लॉन्ड्रिंग की संभावना जताई जा रही है। ईडी के अधिकारियों को इस दौरान ऐसी कंपनियों के दस्तावेज भी मिले हैं, जिनके जरिए इस रैकेट का संचालन किया जा रहा था।
इसी दौरान यह भी जानकारी मिली कि गोलू ने अपने करीबी रिश्तेदारों और एक बड़े कांग्रेस नेता के नाम पर भी शैल कंपनियां स्थापित की थीं। इन कंपनियों के जरिए बड़े पैमाने पर वित्तीय लेन-देन हो रहा था, जिसमें विशेष रूप से क्रिकेट सट्टे और डब्बा कारोबार से संबंधित धन का आदान-प्रदान हो रहा था।

सट्टा कारोबार और बिटकॉइन का संदिग्ध उपयोग
ईडी के अधिकारियों ने यह भी बताया कि गोलू पर आरोप है कि उन्होंने क्रिकेट सट्टे से अर्जित धन को विदेश भेजने के लिए बिटकॉइन जैसी डिजिटल मुद्रा का उपयोग किया। इसके माध्यम से देश के बाहर रकम भेजने की कोशिश की गई थी, जो मनी लॉन्ड्रिंग और सट्टा रैकेट से जुड़े हुए थे।
जानकारों के अनुसार, ईडी ने गुजरात में आयकर विभाग द्वारा की गई छापेमारी के बाद इस मामले की जांच तेज की। गुजरात में आयकर विभाग ने जब सट्टा कारोबार से संबंधित बड़े खुलासे किए थे, तब ईडी ने कार्रवाई करते हुए इंदौर, मनावर और राजगढ़ में भी छापे मारे थे। इन छापेमारी में सट्टा राशि और बिटकॉइन की खरीद-फरोख्त से संबंधित सबूत मिले थे।

कांग्रेस नेता के राजनीतिक करियर की पृष्ठभूमि
विशाल गोलू अग्निहोत्री का राजनीतिक करियर मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कमलनाथ से करीबी संबंधों के लिए जाना जाता है। वह इंदौर नगर निगम में पार्षद भी रह चुके हैं, और उनकी पत्नी भी पार्षद रह चुकी हैं। 2018 के विधानसभा चुनाव में उन्हें इंदौर विधानसभा क्षेत्र-1 से कांग्रेस का टिकट मिला था, लेकिन नामांकन दाखिल करने से पहले ही पार्टी ने उनका नाम बदलकर संजय शुक्ला को टिकट दे दिया था। इसके बाद, 2021 में उन्हें इंदौर शहर कांग्रेस का कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया गया।
ईडी की कार्रवाई और मनी लॉन्ड्रिंग की संभावना
विशाल गोलू के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग, सट्टा रैकेट और शैल कंपनियों के जरिए अवैध धन के लेन-देन के आरोप के बाद ईडी की कार्रवाई और तेज हो गई है। सूत्रों के मुताबिक, इस रैकेट में दुबई और भारत के अन्य हिस्सों के लोग शामिल हो सकते हैं। ईडी को इस मामले में और भी महत्वपूर्ण दस्तावेजों और सबूतों की तलाश है, जिनके आधार पर इस सट्टा रैकेट और मनी लॉन्ड्रिंग के मामले की पूरी सच्चाई सामने आ सके।

ईडी की जांच के बाद यह स्पष्ट हो सकता है कि कांग्रेस नेता के इस रैकेट के पीछे कोई बड़ा सत्ताधारी समूह हो सकता है, जो सट्टा और मनी लॉन्ड्रिंग के जरिए बड़े पैमाने पर वित्तीय लाभ प्राप्त कर रहा था। ईडी की कार्रवाई इस बात को भी रेखांकित करती है कि वित्तीय अनियमितताओं, मनी लॉन्ड्रिंग और अवैध धन के लेन-देन के मामलों में देशभर में सख्ती से जांच की जा रही है।
विशाल गोलू अग्निहोत्री के खिलाफ ईडी की छापेमारी से यह मामला और जटिल होता जा रहा है, जिसमें मनी लॉन्ड्रिंग, सट्टा कारोबार और शैल कंपनियों के जरिए अवैध धन का लेन-देन शामिल है। इस कार्रवाई के जरिए ईडी ने एक बड़े सट्टा रैकेट और मनी लॉन्ड्रिंग के नेटवर्क का खुलासा किया है, जो देश और विदेश में फैला हुआ है। कांग्रेस नेता के खिलाफ यह जांच कई और प्रमुख नामों और कनेक्शनों को उजागर कर सकती है, जो इस रैकेट के साथ जुड़े हुए हो सकते हैं।