जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, सागर के तत्वावधान में पं. दीनदयाल उपाध्याय शासकीय कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय में विधिक जागरूकता एवं साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों सहित आम नागरिकों को उनके कानूनी अधिकारों एवं कर्तव्यों के प्रति जागरूक करना रहा।

कार्यक्रम में जिला न्यायालय के न्यायाधीश श्री आर. के. श्रीवास्तव मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. सरोज गुप्ता, राजनीति विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. संगीता मुखर्जी, देवश्री दुबे तथा सैकड़ों विद्यार्थी शिविर में शामिल हुए।

मुख्य अतिथि श्री श्रीवास्तव ने अपने उद्बोधन में कहा कि विधिक जानकारी प्रत्येक नागरिक के जीवन में उतनी ही आवश्यक है जितनी शिक्षा। उन्होंने कहा कि “यदि व्यक्ति अपने अधिकारों को नहीं जानता तो वह अन्याय का शिकार हो सकता है। कानून हमें सुरक्षा देता है, लेकिन इसका लाभ तभी संभव है जब हम जागरूक हों।”
शिविर में महिला सुरक्षा, उपभोक्ता अधिकार, घरेलू हिंसा निवारण अधिनियम, सायबर अपराध से बचाव, तथा निःशुल्क विधिक सहायता योजनाओं की जानकारी विस्तार से दी गई। वक्ताओं ने बताया कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जरूरतमंदों को मुफ्त कानूनी सहायता, पैरवी और परामर्श उपलब्ध कराता है।

प्राचार्य डॉ. गुप्ता ने कहा कि इस तरह के शिविर विद्यार्थियों में सामाजिक चेतना और उत्तरदायित्व की भावना जगाने में सहायक होते हैं। आभार प्रदर्शन डॉ. संगीता मुखर्जी द्वारा किया गया।
शिविर में विद्यार्थियों ने भी न्यायालय की प्रक्रिया, महिला हेल्पलाइन 1091, सायबर हेल्पलाइन 1930 तथा उपभोक्ता मंच की कार्यप्रणाली के बारे में प्रश्न पूछे। कार्यक्रम के अंत में न्यायाधीश श्री श्रीवास्तव ने कहा कि “कानूनी साक्षरता ही सशक्त समाज की नींव है।”