कलेक्टर सभाकक्ष सागर में आज जिला जल उपयोगिता समिति की बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता जिला पंचायत अध्यक्ष श्री हीरा सिंह राजपूत ने की। बैठक में श्री राजपूत ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि रबी फसल की सिंचाई के लिए किसानों को शीघ्र पानी उपलब्ध कराया जाए, ताकि फसल उत्पादन प्रभावित न हो। उन्होंने कहा कि किसान भाइयों को समय-समय पर सिंचाई की आवश्यकता होती है, इसलिए इसके लिए विस्तृत कार्य योजना तैयार कर प्रभावी रूप से अमल में लाई जाए।

जिला पंचायत अध्यक्ष ने किसानों को बड़ी राहत देते हुए कहा कि यदि किसान अपने बकाया जलकर की मूल राशि एकमुश्त 31 मार्च 2026 तक जमा करते हैं, तो उन पर अधिरोपित शास्ति माफ कर दी जाएगी। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे इस योजना का अधिकतम लाभ उठाएं और निर्धारित समय सीमा में जलकर का भुगतान करें।
इस अवसर पर जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री देवेंद्र सिंह ठाकुर, अपर कलेक्टर श्री अविनाश रावत, कार्यपालन यंत्री जल संसाधन संभाग क्रमांक-1 श्री अखिल बिरथरे सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।

बैठक में श्री अखिल बिरथरे ने बताया कि सागर संभाग के अंतर्गत 147 परियोजनाओं से उपलब्ध जीवित जल भराव क्षमता 447.59 एमसीएम है, जिसके माध्यम से कुल 75,768 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई प्रस्तावित की गई है। उन्होंने जानकारी दी कि कृषकों को जल प्रदाय हेतु नहर संचालन 15 नवम्बर 2025 से प्रारंभ किया जाएगा।

उन्होंने किसानों से राज्य शासन की ब्याज माफी योजना का लाभ लेने की भी अपील की, जिसके अंतर्गत 1 अप्रैल 2025 तक बकाया जलकर राशि एकमुश्त जमा करने की सुविधा दी गई है। साथ ही उन्होंने कहा कि निर्धारित समयसीमा में भुगतान करने वाले किसानों की अधिरोपित शास्ति माफ कर दी जाएगी।