आज सागर पुलिस कंट्रोल रूम में एक प्रेरणादायक और मानवीयता से भरी घटना सामने आई, जिसने न केवल सागर पुलिस की तत्परता बल्कि एक आम नागरिक की ईमानदारी का भी शानदार उदाहरण प्रस्तुत किया।

श्रीमती बबली यादव अपनी बेटी और दामाद के साथ सिविल लाइन से काकागंज ऑटो से जा रही थीं। यात्रा के दौरान उनका बैग ऑटो में छूट गया, जिसमें करीब ₹5000 नगद, एक मोबाइल फोन और महत्वपूर्ण कागजात थे।
घटना का पता चलने पर वे तुरंत पुलिस कंट्रोल रूम, सागर पहुँचीं और उप निरीक्षक श्री सुधीर पाराशर को इसकी जानकारी दी। श्री पाराशर ने तत्काल महिला प्रधान आरक्षक अंजलि रावत को CCTV फुटेज के जरिए ऑटो का पता लगाने के निर्देश दिए।
इस दौरान महिला आरक्षक ज्ञान ठाकुर और हीरा प्रजापति ने भी सक्रिय सहयोग किया।
CCTV फुटेज की जांच में ऑटो को यूनिवर्सिटी क्षेत्र के पास देखा गया। कंट्रोल रूम टीम की तत्परता से ऑटो चालक को संपर्क कर वहां बुलाया गया।
ऑटो चालक रोशन यादव ने अत्यंत ईमानदारी और जिम्मेदारी का परिचय देते हुए बताया कि वे स्वयं यात्रियों को खोज रहे थे ताकि उनका बैग वापस कर सकें।
उन्होंने पुलिस कंट्रोल रूम पहुँचकर ₹5000 नकद, मोबाइल और सभी दस्तावेजों सहित बैग सुरक्षित रूप से सौंप दिया।
बैग वापस मिलने पर श्रीमती बबली यादव और उनका परिवार अत्यंत प्रसन्न हुआ तथा उन्होंने सागर पुलिस कंट्रोल रूम टीम और ऑटो चालक रोशन यादव के प्रति आभार व्यक्त किया।
यह घटना इस बात का जीवंत प्रमाण है कि जब पुलिस की तत्परता और नागरिक की ईमानदारी साथ आती है, तो समाज में भरोसे, संवेदनशीलता और मानवता की मिसाल कायम होती है।