जबलपुर।
जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर जबलपुर में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में जनजातीय समाज की प्रतिभा, संस्कृति और गौरव का भव्य उत्सव देखने को मिला। कार्यक्रम के मुख्य आकर्षण रही महिला क्रिकेट विश्व कप विजेता टीम की सदस्य क्रांति गौड़, जिन्हें राज्यपाल मंगू भाई पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंच पर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने क्रांति गौड़ को 1 करोड़ रुपए का चेक प्रदान किया, जिससे पूरे कार्यक्रम में उत्साह का वातावरण बन गया।
घुवारा की बेटी ने देश का मान बढ़ाया
क्रांति गौड़ मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले के घुवारा कस्बे की निवासी हैं। महिला क्रिकेट विश्व कप में उन्होंने 9 विकेट लेकर टीम की जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उनकी उपलब्धि को जनजातीय समाज की गौरवशाली पहचान के रूप में सराहा गया।
सम्मान समारोह में उपस्थित हजारों दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट से क्रांति का स्वागत किया।

PM मोदी वर्चुअली जुड़े, की क्रांति की प्रशंसा
कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वर्चुअल माध्यम से जुड़े। इस दौरान उन्होंने क्रांति गौड़ का विशेष उल्लेख करते हुए कहा—
“विश्व कप में भारत की महिला क्रिकेट टीम में शामिल हमारी जनजातीय समाज की बेटी क्रांति गौड़ ने अहम भूमिका निभाई। यह पूरे देश के लिए गर्व का क्षण है।”
पीएम ने कहा कि जनजातीय समाज आज हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रहा है और सरकार उनका सम्मान बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयासरत है।
ढोल-नृत्य और परंपराओं की छटा में डूबा कार्यक्रम
कार्यक्रम में जनजातीय संस्कृति की झलक हर कदम पर देखने को मिली।
आदिम जाति कल्याण मंत्री विजय शाह ने जनजातीय कलाकारों के साथ मंच पर ढोल बजाया और नृत्य भी किया। उनका यह अंदाज़ दर्शकों के बीच चर्चा का केंद्र बन गया।
मंच पर जनजातीय परंपरागत वाद्ययंत्र, नृत्य, कला और लोकगीतों ने माहौल को जीवंत कर दिया।
‘शालिनी App’ का शुभारंभ—जनजातीय योजनाएं अब मोबाइल पर
कार्यक्रम में राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने ‘शालिनी ऐप’ का भी शुभारंभ किया।
यह मोबाइल एप जनजातीय समाज के लिए एक महत्वपूर्ण डिजिटल सुविधा होगी, जिसके माध्यम से—
- जनजातीय कल्याण विभाग की सभी योजनाओं की जानकारी
- छात्रवृत्ति, शिक्षा, स्वास्थ्य व रोजगार योजनाओं का विवरण
- आवेदन और सहायता से जुड़ी जानकारी
आसान तरीके से उपलब्ध होगी।

जनजातीय गौरव का महाकुंभ बना जबलपुर
जबलपुर का यह कार्यक्रम सिर्फ एक सरकारी आयोजन नहीं, बल्कि जनजातीय समाज की संस्कृति, प्रतिभा और परंपराओं का महोत्सव बन गया।
मान-सम्मान, सांस्कृतिक धरोहर और आधुनिक डिजिटल कदम—तीनों का सुन्दर संगम इस कार्यक्रम में देखने को मिला।
क्रांति गौड़ को मिला सम्मान न सिर्फ एक खिलाड़ी का सम्मान था, बल्कि जनजातीय समाज की उभरती ताकत, मेहनत और क्षमता को राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता देने का प्रतीक भी रहा।