संसद के शीतकालीन सत्र के चौथे दिन लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन के भारत दौरे के बहाने केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार विपक्ष के नेताओं को अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों से मिलने नहीं देना चाहती है।

राहुल गांधी ने कहा, “केंद्र सरकार नहीं चाहती कि मैं बाहर से आने वाले नेताओं से मिलूं। प्रधानमंत्री मोदी और विदेश मंत्रालय खुद इस नियम का पालन नहीं करते। यह उनकी इनसिक्योरिटी को दिखाता है।”
उन्होंने कहा कि भारत के अंतरराष्ट्रीय संबंध सिर्फ सरकार तक सीमित नहीं हैं। लीडर ऑफ अपोजिशन समेत बाकी राजनीतिक दल भी भारत की आवाज़ और नजरिया दुनिया के सामने रखते हैं।
राहुल बोले, “हम सबके अपने रिश्ते हैं। लीडर ऑफ अपोजिशन एक अलग नजरिया देता है। हम भी भारत को रिप्रेजेंट करते हैं, सिर्फ सरकार ही यह काम नहीं करती।”
राहुल गांधी ने सरकार पर आरोप लगाया कि विदेशी दौरे और कूटनीतिक मुलाकातों को लेकर वह विपक्ष पर पाबंदियां लगा रही है, जबकि वही खुद इस मानक का पालन नहीं करती।
सदन में सरकार की ओर से इस बयान पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई, लेकिन भाजपा सांसदों ने बीच में खड़े होकर राहुल के बयान पर आपत्ति जताई।
पुतिन के भारत दौरे के चलते संसद में राजनीतिक गर्मी बढ़ गई है और विपक्ष ने सरकार की विदेश नीति पर फिर सवाल खड़े किए हैं।