मंदसौर पुलिस की करतूत बेनकाब: हाईकोर्ट सन्न, बेगुनाह छात्र पर झूठा ड्रग केस दर्ज !

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मंदसौर में मल्हारगढ़ थाना पुलिस की ऐसी करतूत सामने आई है, जिसे देखकर हाईकोर्ट भी हैरान रह गया। थाना पुलिस ने एक 18 वर्षीय बेगुनाह छात्र सोहन को ड्रग तस्करी के झूठे केस में फंसाकर जेल भेज दिया था, लेकिन परिजनों की तरफ से पेश किए गए CCTV फुटेज ने पूरा सच उजागर कर दिया।


बस से उठा ले गए पुलिसकर्मी, शाम को दर्ज कर दिया अफीम जब्ती का केस

29 अगस्त 2025 की सुबह छात्र सोहन मंदसौर अपने रिश्तेदारों से मिलने जा रहा था। रास्ते में कुछ पुलिसकर्मी सादे कपड़ों में बस को रोककर चढ़े और सोहन को जबरदस्ती बस से उतारकर जीप में ले गए
यह पूरी घटना बस में लगे CCTV कैमरे में 11:39 बजे कैद है।

इसके बावजूद शाम 5:17 बजे पुलिस ने सोहन के खिलाफ 2.700 किलो अफीम के साथ पकड़े जाने का मामला दर्ज कर दिया।


परिजनों की कोशिश से मिला अहम सबूत

सोहन के परिजन जब मदद के लिए एडवोकेट हिमांशु ठाकुर के पास पहुंचे तो उन्होंने CCTV की जानकारी जुटाने को कहा।
पहले ट्रेवल्स कंपनी फुटेज देने के लिए तैयार नहीं थी, लेकिन परिजनों ने पूरी स्थिति बताई, तब जाकर मशक्कत के बाद फुटेज हाथ लगा।
यह फुटेज हाईकोर्ट में पेश किया गया, जिसमें पूरा अपहरण जैसा घटनाक्रम साफ दिख रहा है।


हाईकोर्ट की फटकार – “पूरा थाना लिप्त, मामला CBI को सौंपा जाए”

फुटेज देखने के बाद इंदौर हाईकोर्ट ने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा—

“यह कोई एक-दो पुलिसकर्मियों का काम नहीं, पूरा थाना मामले में लिप्त दिखाई देता है।”

कोर्ट ने कहा कि यह मामला गंभीर है और इसे CBI को ट्रांसफर किया जाना चाहिए।
साथ ही मंदसौर एसपी को 9 दिसंबर को कोर्ट में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने के आदेश दिए गए हैं। कोर्ट यह भी पूछेगा कि—

पुलिसकर्मी यह कार्रवाई आपके निर्देश पर कर रहे थे या अपने मनमाने ढंग से?


बेगुनाह छात्र की जमानत मंजूर – सपनों पर पड़ा भारी असर

सोहन किसान परिवार से आने वाला, 12वीं में फर्स्ट डिवीजन से पास हुआ होनहार छात्र है। उसका सपना था कि वह पीएससी पास कर प्रशासनिक सेवा में जाए
लेकिन इस झूठे मामले ने उसे और उसके परिवार को गहरा मानसिक आघात पहुंचाया है।

हाईकोर्ट ने उपलब्ध सबूतों को देखते हुए जमानत मंजूर कर दी और कहा कि—

पुलिस ने एक निर्दोष युवक के खिलाफ अत्यंत गंभीर धाराओं में फर्जी केस दर्ज किया है।


अब पूरा जिला पुलिस महकमा सवालों के घेरे में

इस खुलासे के बाद पूरे मंदसौर पुलिस विभाग पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

  • कैसे एक पढ़ाई कर रहे छात्र को बस से उठा ले जाया गया?
  • बिना बरामदगी के भारी मात्रा में अफीम दिखाकर केस दर्ज कैसे कर दिया गया?
  • क्या किसी निजी रंजिश, दबाव या लक्ष्य सिद्धि के लिए यह कार्रवाई की गई?

अब सभी की निगाहें 9 दिसंबर को होने वाली एसपी की पेशी और संभावित सीबीआई जांच पर टिकी हैं।

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