सागर, 27 दिसंबर 2024:
भारतीय जनता पार्टी (भा.ज.पा.) ने सागर जिले में अपने जिलाध्यक्ष पद के लिए रायशुमारी की प्रक्रिया शुरू की है। पार्टी संगठन द्वारा नियुक्त निर्वाचन पदाधिकारी और पर्यवेक्षकों ने सागर जिले के भाजपा जनप्रतिनिधियों, मंडल अध्यक्षों, प्रदेश पदाधिकारियों से रायशुमारी की। इस प्रक्रिया के दौरान, प्रत्येक जनप्रतिनिधि से 4-4 नामों का पैनल लिया गया, जिनमें पार्टी के विभिन्न पदाधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के नाम शामिल हैं।

रायशुमारी में भाग लेने वाले जनप्रतिनिधि:
इस रायशुमारी में कुल 46 मंडल अध्यक्षों, मंडल प्रतिनिधियों, विधायक, पूर्व विधायक, पूर्व और वर्तमान सांसदों, निगम मंडल के पूर्व अध्यक्षों और उपाध्यक्षों ने भाग लिया। सभी ने अपने-अपने लिफाफों में 4-4 नामों के पैनल बंद करके दिए। जिन जनप्रतिनिधियों का शारीरिक रूप से उपस्थित होना संभव नहीं था, उन्होंने अपने नामों के पैनल फोन या लिफाफे में भेजे।
भा.ज.पा. के सांसद डॉ. लता वानखेड़े, पूर्व मंत्री भूपेंद्र सिंह, सागर विधायक शैलेंद्र जैन, देवरी विधायक बृजबिहारी पटैरिया, पूर्व सांसद, पूर्व विधायक जैसे प्रमुख नेता भी इस रायशुमारी में शामिल हुए। उनके द्वारा दिए गए नामों में प्रमुख नेता और पूर्व विधायक हरवंश सिंह राठौर, भाजपा सांस्कृतिक प्रकोष्ठ के प्रदेश सह संयोजक अर्पित पांडे, भाजपा नेता डॉ. अनिल तिवारी, शैलेष केशरवानी, श्याम तिवारी, संध्या भार्गव, वृंदावन अहिरवार जैसे नाम शामिल हैं।

एससी महिला को जिलाध्यक्ष बनाने की चर्चा:
रायशुमारी में एक दिलचस्प बात यह सामने आई है कि भाजपा ने पहली बार नामों के पैनल में विशेष तौर पर एससी महिला का नाम मांगा है। यह संकेत करता है कि पार्टी संगठन शायद सागर जिले के जिलाध्यक्ष पद के लिए एक एससी महिला को तरजीह देने का विचार कर रहा है। कुछ विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा संगठन पहले ही यह निर्णय ले चुका है कि सागर जिले में जिलाध्यक्ष पद पर एससी महिला को लाया जाएगा, ताकि पार्टी की सामाजिक संतुलन की नीति को ध्यान में रखा जा सके।
वर्तमान और पूर्व जनप्रतिनिधियों के नामों की चर्चा:
रायशुमारी में कई पुराने और नए नामों पर चर्चा हो रही है। इनमें पूर्व सांसद राजबहादुर सिंह का नाम भी प्रमुख है, जिनका हाल ही में लोकसभा चुनाव में टिकट काट दिया गया था। उनके साथ पार्टी के अंदर एक सिम्पथी माहौल भी देखा जा रहा है। इसके अलावा, बंडा से पूर्व विधायक हरवंश सिंह राठौर और बीना से पूर्व विधायक डॉ. विनोद पंथी का नाम भी चर्चा में है। खास बात यह है कि डॉ. पंथी का नाम एससी महिला कॉलम में भी लिया गया है, और यदि भाजपा जिलाध्यक्ष बदलती है तो उन्हें बीना विधानसभा क्षेत्र में संभावित उपचुनाव को देखते हुए एससी महिला कोटे से अध्यक्ष बनाया जा सकता है।

सागर जिले के वर्तमान जिलाध्यक्ष गौरव सिरोठिया का नाम भी रायशुमारी में फिर से आया है, जिससे यह संभावना जताई जा रही है कि भाजपा उन्हें एक और मौका दे सकती है।
भा.ज.पा. में गुटबाजी का असर:
सागर जिले में भाजपा संगठन में गुटबाजी की स्थिति भी स्पष्ट रूप से नजर आ रही है। पार्टी में कई धड़े हैं, और ऐसे में संगठन यह कोशिश कर रहा है कि वह एक ऐसा जिलाध्यक्ष चुनें, जो सर्वमान्य हो और सभी गुटों में सामंजस्य बना सके। इसलिए यह रायशुमारी खासतौर पर महत्वपूर्ण हो गई है, क्योंकि भाजपा एक ऐसे नेता की तलाश में है, जो पार्टी के भीतर एकता और सहयोग की भावना को बढ़ावा दे सके।
भविष्य में जिलाध्यक्ष की घोषणा:
पार्टी सूत्रों के अनुसार, इस माह के अंत तक सागर जिले के भाजपा जिलाध्यक्ष के नाम की घोषणा हो सकती है। भाजपा संगठन ने यह प्रक्रिया पूरी करके पार्टी में गुटबाजी को दूर करने और जिलाध्यक्ष के पद पर एक सर्वमान्य और सक्षम नेता को नियुक्त करने का प्रयास किया है।

सागर जिले में भाजपा के जिलाध्यक्ष के लिए रायशुमारी प्रक्रिया ने पार्टी के भीतर चल रही गुटबाजी और संभावनाओं को एक नई दिशा दी है। विशेष रूप से एससी महिला के नाम को प्राथमिकता देने का निर्णय भाजपा के लिए सामाजिक संतुलन और वोटबैंक को ध्यान में रखते हुए महत्वपूर्ण हो सकता है। अब यह देखना होगा कि पार्टी किसे अपना नया जिलाध्यक्ष बनाती है और यह निर्णय पार्टी के आगामी चुनावी रणनीतियों पर किस तरह प्रभाव डालता है।