गुना/रीवा। गुना के कुख्यात अपराधी और पूर्व पुलिस एसआई रामवीर सिंह कुशवाह उर्फ ‘दाऊ’ को चाचौड़ा जेल से हटाकर सेंट्रल जेल, रीवा में शिफ्ट कर दिया गया है। यह कदम जेल के अंदर से गवाहों और फरियादियों को धमकाने का पुख्ता इंटेलिजेंस मिलने के बाद उठाया गया।
पुलिस कार्रवाई और कारण
गुना एसपी अंकित सोनी ने बताया कि चाचौड़ा जेल में बंद रामवीर अपने खिलाफ चल रहे केस के गवाहों, फरियादियों और वकीलों पर दबाव डाल रहा था। इस वजह से विवेचना और साक्ष्य प्रभावित न हों, इसके लिए भोपाल जेल मुख्यालय ने उसे रीवा जेल शिफ्ट करने का निर्णय लिया।



पृष्ठभूमि और आपराधिक कृत्य
रामवीर पुलिस विभाग में एसआई रह चुका है, लेकिन आपराधिक कृत्यों के कारण बर्खास्त किया गया था। वह पारदी केस में दो साल से फरार था और उस पर एक लाख रुपए का इनाम घोषित था। इसके अलावा गुना जिले के तीन थानों में हत्या, अपहरण, हत्या के प्रयास, सबूत मिटाने और धोखाधड़ी समेत 7 संगीन मामलों में उसका नाम है।
गुर्गों द्वारा धमकियां
4 दिसंबर को रामवीर के कुछ गुर्गे ललितपुर (यूपी) के नाराहट गांव पहुंचे थे और ट्रक ड्राइवर माखन कुशवाह के परिजनों पर दबाव बनाया था। जून 2015 में माखन कुशवाह की हत्या भी रामवीर और उसके साथियों द्वारा की गई थी।

बेहद शान-ओ-शौकत वाली जिंदगी
सीआईडी जांच में पता चला कि रामवीर करोड़ों की बेनामी संपत्ति का मालिक है। उसने गुना और रन्नौद (शिवपुरी) में मकान, खेत और गाड़ियां अपने परिजनों और विश्वसनीय लोगों के नाम पर खरीदी हैं। जेल शिफ्टिंग के दौरान रामवीर के कई लोग जेल परिसर में मौजूद थे।
सुरक्षा व्यवस्था
रीवा जेल शिफ्टिंग के समय आरोपी को कड़ी सुरक्षा में रखा गया। एसपी अंकित सोनी ने कहा कि इससे विवेचना प्रभावित नहीं होगी और साक्ष्य सुरक्षित रहेंगे। पुलिस ने रामवीर के गुर्गों और उसे संरक्षण देने वालों की सूची भी तैयार कर निगरानी बढ़ा दी है।
रामवीर सिंह कुशवाह की यह गिरफ्तारी और शिफ्टिंग गुना जिले में कानून व्यवस्था मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।