भोपाल।
राजधानी भोपाल के लाल परेड ग्राउंड में बुधवार से 11वें अंतरराष्ट्रीय वन मेले की शुरुआत होगी। मेले का शुभारंभ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव करेंगे। इस वर्ष मेला ‘समृद्ध वन, खुशहाल वन’ थीम पर आयोजित किया जा रहा है, जो 23 दिसंबर तक चलेगा।
वन मेले में 24 राज्यों के जड़ी-बूटी सहित कुल करीब 350 स्टॉल लगाए जाएंगे। इनमें प्रदेश के जिला यूनियन, वन धन केंद्र, जड़ी-बूटी संग्राहक, उत्पादक, आयुर्वेदिक औषधि निर्माता, परंपरागत खाद्य सामग्री के निर्माता एवं विक्रेता अपने उत्पादों का प्रदर्शन और विक्रय करेंगे।

मेले में 10 शासकीय स्टॉल, 24 अन्य राज्यों के स्टॉल, 16 प्रदर्शनी स्टॉल, 136 निजी स्टॉल और 26 फूड स्टॉल लगाए जाएंगे। फूड स्टॉल में अलीराजपुर का दाल-पानिया और बांधवगढ़ के गोंडी व्यंजनों का स्वाद मिलेगा। इसके अलावा 50 ओपीडी स्टॉल और बच्चों के लिए किड्स जोन भी रहेगा।
वन मंत्री दिलीप अहिरवार ने बताया कि मेले में 200 आयुर्वेदिक चिकित्सक एवं विशेषज्ञ नि:शुल्क परामर्श देंगे। राज्य वनोपज संघ की प्रबंध संचालक डॉ. समिता राजौरा ने बताया कि मेले में प्रतिदिन सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन भी किया जाएगा, जिसमें ऑर्केस्ट्रा, नुक्कड़ नाटक, लोक नृत्य और स्कूली बच्चों के लिए चित्रकला, फैंसी ड्रेस व गायन प्रतियोगिताएं शामिल हैं।

सांस्कृतिक कार्यक्रमों का कार्यक्रम
- 17 दिसंबर: डिंडौरी का परंपरागत नृत्य
- 18 दिसंबर: अंचल शर्मा ग्रुप का ऑर्केस्ट्रा
- 19 दिसंबर: विरासत सूफी की म्यूजिकल प्रस्तुति
- 20 दिसंबर: ‘एक शाम वन विभाग के नाम’ (फॉरेस्ट मेलोडी)
- 21 दिसंबर: सिंगर नीरज श्रीधर (बॉम्बे वाइकिंग्स) की प्रस्तुति
- 22 दिसंबर: मानसरोवर द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम
- 23 दिसंबर: झाबुआ का परंपरागत नृत्य
वन मेले के दौरान 19 और 20 दिसंबर को अंतरराष्ट्रीय कार्यशालाएं भी आयोजित होंगी, जिनमें भारत के 17, नेपाल के 2 और भूटान के एक प्रतिनिधि भाग लेंगे। कार्यशालाओं का आयोजन आईआईएफएम के समन्वय से किया जाएगा।