इंदौर।
मध्य प्रदेश के इंदौर वन मंडल में वन विभाग ने बाघों की गणना की प्रक्रिया शुरू कर दी है। गणना के पहले ही दिन जंगलों से उत्साहजनक संकेत सामने आए हैं। इंदौर के जंगलों में बाघों के 21 पगमार्ग मिलने से स्पष्ट है कि यहां बाघों की सक्रिय मौजूदगी बनी हुई है।
वन विभाग के अनुसार, लगभग 700 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैले इंदौर वन मंडल में करीब 60 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र घने जंगल का है। इसी इलाके में फैली 103 बीटों में बाघ गणना की जा रही है। शुरुआती सर्वे के दौरान बाघों के 21 और तेंदुओं के 74 पगमार्क दर्ज किए गए हैं, जो वन्यजीवों की बढ़ती गतिविधि का संकेत देते हैं।

वन विभाग ने बताया कि बाघ गणना की प्रक्रिया 24 दिसंबर तक जारी रहेगी। प्रारंभिक आंकड़ों के आधार पर यह माना जा रहा है कि इंदौर के जंगल बाघों के लिए नए ठिकाने के रूप में विकसित हो रहे हैं। इसे वन्यजीव संरक्षण के लिहाज से बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
गणना को अधिक सटीक और प्रमाणिक बनाने के लिए जंगल के अलग-अलग हिस्सों में ट्रैप कैमरे लगाए गए हैं। इन कैमरों के माध्यम से बाघों सहित अन्य वन्यजीवों की आवाजाही पर लगातार निगरानी की जा रही है। वन विभाग ने ट्रैप कैमरों से रिकॉर्ड किया गया एक वीडियो भी जारी किया है, जिसमें जंगल में वन्यजीवों की गतिविधियां साफ नजर आ रही हैं।
वन विभाग का मानना है कि यदि इसी तरह सकारात्मक संकेत मिलते रहे, तो आने वाले समय में इंदौर का वन क्षेत्र बाघों के लिए एक नए और सुरक्षित आवास के रूप में उभर सकता है। इससे न केवल जैव विविधता को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि क्षेत्र में पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी अहम कदम साबित होगा।