मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि स्वामी विवेकानंद का यह विचार था कि 21वीं सदी भारत की होगी और आज प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के प्रभावी नेतृत्व और मार्गदर्शन में यह स्वप्न साकार होता हुआ दिखाई दे रहा है। वर्तमान समय में विश्व का हर देश भारत से मित्रता करना चाहता है और वैश्विक मंच पर भारत मजबूती के साथ खड़ा है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव यह विचार मध्यप्रदेश आईएएस एसोसिएशन सर्विस मीट–2025 के शुभारंभ अवसर पर प्रशासन अकादमी में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए व्यक्त कर रहे थे। उन्होंने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन, सेवानिवृत्त वरिष्ठ अधिकारी तथा मध्यप्रदेश कैडर के बड़ी संख्या में भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव को स्मृति चिन्ह भी भेंट किया गया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत आज हर चुनौती और हर परिस्थिति का सामना करने में सक्षम बना है। इसमें भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है। हमारे प्रशासनिक अधिकारी कठिन परिस्थितियों में भी पूरी निष्ठा और प्रतिबद्धता के साथ कार्य करते हुए देश को आगे बढ़ाने में निरंतर योगदान दे रहे हैं। भारत की अनेकता में एकता के बीच यह सेवा क्षेत्र देश की रीढ़ बनकर मजबूती से अपने दायित्वों का निर्वहन कर रहा है।
सरदार पटेल के प्रयासों से मजबूत हुई प्रशासनिक व्यवस्था
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि देश की आज़ादी के बाद सरदार वल्लभ भाई पटेल के प्रयासों से एक सुदृढ़ प्रशासनिक व्यवस्था का निर्माण हो सका। देश में रियासतों और राजाओं की सत्ता को लोकतंत्र में परिवर्तित करने में प्रशासनिक अधिकारियों की ऐतिहासिक भूमिका रही है। भारत की संवैधानिक संघीय व्यवस्था में केंद्र और राज्यों के बीच समन्वय स्थापित कर प्रदेश के अधिकारियों ने मध्यप्रदेश की एक सकारात्मक और सशक्त छवि बनाई है।
उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश एक प्रयोगशाला की तरह है, जहां विभिन्न क्षेत्रों में निरंतर नवाचार हुए हैं। इन नवाचारों में से कई मॉडल आज देश और दुनिया में अपनाए जा रहे हैं, जो प्रदेश के प्रशासनिक कौशल और दूरदर्शिता का प्रमाण हैं।
अनुभव और योग्यता का सम्मान
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी योग्यता और अनुभव के महत्व को भली-भांति समझते हैं। इसी का परिणाम है कि सेवा निवृत्ति के बाद भी अनेक अधिकारियों के अनुभव का लाभ शासन को मिलता रहता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी प्रशासनिक अधिकारी सम्मान के अधिकारी हैं और यह गर्व का विषय है कि आईएएस एसोसिएशन एक परिवार की तरह कार्य करते हुए हर चुनौती से निकलने का रास्ता खोजती है।
वरिष्ठों का अनुभव, युवाओं की ऊर्जा—विकास की आधारशिला
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के अनुभवी वरिष्ठ अधिकारी और ऊर्जा से भरपूर युवा अधिकारी मिलकर विकसित और आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश की मजबूत आधारशिला हैं। उन्होंने कहा कि आज का समय केवल नीतियां बनाने और योजनाओं के क्रियान्वयन का नहीं, बल्कि नवाचार को समझने, आधुनिक तकनीक अपनाने और नागरिक की दृष्टि से सोचने का है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सेवा करने का अवसर सौभाग्य से मिलता है और भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों ने यह सौभाग्य अपने कठिन परिश्रम और समर्पण से अर्जित किया है। हमारी संस्कृति में नर सेवा को नारायण सेवा माना गया है। आम नागरिक के कष्टों का समाधान करना, उनकी समस्याओं को सुनना और सार्थक समाधान देना सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों से प्रदेश के विकास के लिए शत-प्रतिशत योगदान देने का संकल्प लेने का आह्वान किया।
सर्विस मीट में नवाचारों पर होगा विमर्श
इस अवसर पर मध्यप्रदेश आईएएस एसोसिएशन के अध्यक्ष एवं अपर मुख्य सचिव श्री मनु श्रीवास्तव ने कहा कि सर्विस मीट–2025 में नए वेंचर्स और नवाचारों की सफलता पर विस्तृत विमर्श किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश ऐसा राज्य है जो सभी को अपनाता है और यहां के आईएएस अधिकारी मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश को प्रगति के पथ पर आगे बढ़ाने के लिए निरंतर सेवाएं दे रहे हैं। आईएएस एसोसिएशन एक परिवार की तरह है, जहां सहयोग और समन्वय की भावना सर्वोपरि है।
आयोजन समिति के अध्यक्ष श्री पी. नरहरि ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में राज्य में सेवा कार्य पूर्ण गरिमा, पारदर्शिता और संवेदनशीलता के साथ किया जा रहा है। यह सर्विस मीट अधिकारियों को अनुभव साझा करने और बेहतर प्रशासन की दिशा में नए विचार विकसित करने का मंच प्रदान करेगा।
कुल मिलाकर, सर्विस मीट–2025 का शुभारंभ प्रशासनिक सेवा की गरिमा, दायित्व और राष्ट्र निर्माण में उसकी भूमिका को और अधिक सशक्त करने का संदेश लेकर सामने आया।