मुरैना: तार फेंसिंग विवाद में हिंसा, लाठी-डंडों से दंपती पर हमला, तोड़फोड़ का वीडियो वायरल !

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मुरैना | जिले के देवगढ़ थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम अर्जुनपुरा में खेत की मेड़ पर तार फेंसिंग को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। आरोप है कि गुर्जर पक्ष के करीब दो दर्जन से अधिक लोगों ने लाठियों से लैस होकर सिकरवार परिवार के घर पर हमला कर दिया। इस दौरान घर में घुसकर पति-पत्नी की बेरहमी से पिटाई की गई और बाहर खड़े वाहनों में तोड़फोड़ की गई। पूरी घटना का वीडियो भी सामने आया है।

पीड़ित पक्ष के अनुसार अर्जुनपुरा निवासी अशोक सिकरवार अपने खेत में आवारा पशुओं से बचाव के लिए तार फेंसिंग कर रहे थे। इसी बात पर गांव के ही प्रताप गुर्जर, बबलू गुर्जर और धीरज गुर्जर ने आपत्ति जताई। रविवार सुबह (22 दिसंबर) विवाद बढ़ा तो पहले पथराव हुआ, जिसमें दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर पत्थर फेंके। उस समय मामला शांत हो गया, लेकिन शाम होते-होते धीरज गुर्जर ने 25–30 लोगों को इकट्ठा कर अशोक सिकरवार के घर पर धावा बोल दिया।

घर में घुसकर दंपती की पिटाई, जान बचाने को कमरे में बंद हुए परिजन
आरोप है कि भीड़ ने घर में घुसकर अशोक सिकरवार और उनकी पत्नी गुड्डी सिकरवार को लाठियों से पीटा। परिवार के अन्य सदस्यों ने खुद को कमरे में बंद कर जान बचाई। हमलावरों ने घर के बाहर खड़े ट्रैक्टर और बाइक में भी जमकर तोड़फोड़ की। इस पूरी घटना का वीडियो परिजनों ने घर के अंदर से बनाया है, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

पीड़ित का आरोप— आरोपी मंत्री का मीडिया प्रभारी, पुलिस पर दबाव
घायल अशोक सिकरवार ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि जिस प्रताप गुर्जर पर वे मारपीट का आरोप लगा रहे हैं, वह कृषि मंत्री एदल सिंह कंसाना का मीडिया प्रभारी है। अशोक का आरोप है कि देवगढ़ थाना प्रभारी जयपाल सिंह गुर्जर भी आरोपियों के सजातीय हैं, इसलिए दबाव में कार्रवाई नहीं की जा रही।

अशोक ने बताया कि विवाद पिछले सात दिनों से चल रहा था। जब वे थाने पहुंचे तो टीआई ने आवेदन लेने से मना कर दिया और समझौते की बात कही, लेकिन सुरक्षा नहीं दी गई।

टीआई की सफाई— दोनों पक्षों में हुआ पथराव
देवगढ़ थाना प्रभारी जयपाल सिंह गुर्जर ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि खेत की फेंसिंग को लेकर विवाद है और दोनों पक्षों की ओर से पथराव हुआ है। उन्होंने कहा कि अशोक सिकरवार उनसे पहले कभी नहीं मिले और न ही कोई आवेदन दिया।

टीआई के अनुसार वीडियो में पथराव की स्थिति दिख रही है और दोनों पक्षों के लोग घायल हैं। एफआईआर में जिन लोगों के नाम लिखवाने की मांग की जा रही है, वे प्रथम दृष्टया सही नहीं लग रहे हैं। इसी वजह से फिलहाल एफआईआर दर्ज नहीं की गई है। उन्होंने बताया कि मामले में आज दोनों पक्षों को फिर थाने बुलाया गया है और जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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