अमित शाह के दौरे से पहले बदली ग्वालियर की सूरत: महीनों से जर्जर सड़क रातों-रात बनी !

Spread the love

अमित शाह के दौरे से पहले बदली ग्वालियर की सूरत: महीनों से जर्जर सड़क रातों-रात बनी

ग्वालियर की बदहाल सड़कों का मुद्दा लंबे समय से शहर ही नहीं, बल्कि देशभर में चर्चा का विषय रहा है। लेकिन केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के ग्वालियर दौरे से ठीक पहले शहर में मानो चमत्कार होता दिखा। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के पैतृक निवास की ओर जाने वाली सड़क, जिसकी मरम्मत महीनों से अटकी हुई थी, उसे रातों-रात दुरुस्त कर दिया गया।

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह बुधवार शाम को ग्वालियर पहुंच रहे हैं और वे यहीं रात्रि विश्राम भी करेंगे। संभावना है कि वे सूर्य नमस्कार तिराहे से आकाशवाणी चौराहे होते हुए अटल बिहारी वाजपेयी के निवास पर श्रद्धांजलि देने जाएंगे। इसी मार्ग पर पिछले कुछ दिनों से दिन-रात सड़क निर्माण का काम तेजी से चल रहा है। बरसात के बाद से यह सड़क बुरी तरह जर्जर हो चुकी थी, लेकिन अब अचानक इसकी सूरत बदल गई है।

जनता का तंज: हर महीने आ जाएं मंत्री जी

कृषि विश्वविद्यालय क्षेत्र के एक राहगीर ने कहा,
“सालों से खराब सड़कों पर किसी का ध्यान नहीं था, लेकिन मंत्री जी के आने से दो दिन में सड़क बन गई। हम तो यही कहेंगे कि अमित शाह हर महीने ग्वालियर आएं, ताकि बाकी सड़कें भी बन सकें।”

280 सड़कें बदहाल, फिर भी सुधार नदारद

ग्वालियर की सड़कों को लेकर राजनीतिक स्तर पर भी लगातार आरोप-प्रत्यारोप होते रहे हैं। चेतकपुरी से नदी गेट तक कई जगह सड़कें धंस गईं, कहीं गड्ढों में नीचे की सुरंग तक नजर आने लगी। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के महल के पास सड़क धंसने की घटना के बाद प्रशासन की काफी किरकिरी हुई थी।

इसके बाद प्रभारी मंत्री तुलसीराम सिलावट ने स्कूटर से शहर का निरीक्षण कर बताया था कि ग्वालियर में करीब 280 सड़कें बदहाल हैं। नवंबर और फरवरी 2026 तक सड़कों को दुरुस्त करने का लक्ष्य भी तय किया गया, लेकिन जमीनी हकीकत में अब तक कोई बड़ा बदलाव नजर नहीं आया।

पॉश इलाके की सड़क भी सालभर से जर्जर

शहर के पॉश इलाके में स्थित सचिन तेंदुलकर मार्ग की हालत भी किसी से छिपी नहीं है। यह सड़क करीब एक साल से खराब पड़ी है। गड्ढों और उड़ती धूल से रहवासी परेशान हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि हालात इतने खराब हो चुके हैं कि सांस और आंखों से जुड़ी बीमारियां बढ़ रही हैं, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं किया गया।

अमित शाह के दौरे से पहले कुछ सड़कों का दुरुस्त होना भले ही प्रशासन की तत्परता दिखाए, लेकिन सवाल अब भी कायम है कि क्या यह सुधार स्थायी होगा या फिर वीआईपी दौरे के बाद हालात फिर पुराने जैसे हो जाएंगे।ग्वालियर की बदहाल सड़कों का मुद्दा लंबे समय से शहर ही नहीं, बल्कि देशभर में चर्चा का विषय रहा है। लेकिन केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के ग्वालियर दौरे से ठीक पहले शहर में मानो चमत्कार होता दिखा। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के पैतृक निवास की ओर जाने वाली सड़क, जिसकी मरम्मत महीनों से अटकी हुई थी, उसे रातों-रात दुरुस्त कर दिया गया।

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह बुधवार शाम को ग्वालियर पहुंच रहे हैं और वे यहीं रात्रि विश्राम भी करेंगे। संभावना है कि वे सूर्य नमस्कार तिराहे से आकाशवाणी चौराहे होते हुए अटल बिहारी वाजपेयी के निवास पर श्रद्धांजलि देने जाएंगे। इसी मार्ग पर पिछले कुछ दिनों से दिन-रात सड़क निर्माण का काम तेजी से चल रहा है। बरसात के बाद से यह सड़क बुरी तरह जर्जर हो चुकी थी, लेकिन अब अचानक इसकी सूरत बदल गई है।

जनता का तंज: हर महीने आ जाएं मंत्री जी

कृषि विश्वविद्यालय क्षेत्र के एक राहगीर ने कहा,
“सालों से खराब सड़कों पर किसी का ध्यान नहीं था, लेकिन मंत्री जी के आने से दो दिन में सड़क बन गई। हम तो यही कहेंगे कि अमित शाह हर महीने ग्वालियर आएं, ताकि बाकी सड़कें भी बन सकें।”

280 सड़कें बदहाल, फिर भी सुधार नदारद

ग्वालियर की सड़कों को लेकर राजनीतिक स्तर पर भी लगातार आरोप-प्रत्यारोप होते रहे हैं। चेतकपुरी से नदी गेट तक कई जगह सड़कें धंस गईं, कहीं गड्ढों में नीचे की सुरंग तक नजर आने लगी। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के महल के पास सड़क धंसने की घटना के बाद प्रशासन की काफी किरकिरी हुई थी।

इसके बाद प्रभारी मंत्री तुलसीराम सिलावट ने स्कूटर से शहर का निरीक्षण कर बताया था कि ग्वालियर में करीब 280 सड़कें बदहाल हैं। नवंबर और फरवरी 2026 तक सड़कों को दुरुस्त करने का लक्ष्य भी तय किया गया, लेकिन जमीनी हकीकत में अब तक कोई बड़ा बदलाव नजर नहीं आया।

पॉश इलाके की सड़क भी सालभर से जर्जर

शहर के पॉश इलाके में स्थित सचिन तेंदुलकर मार्ग की हालत भी किसी से छिपी नहीं है। यह सड़क करीब एक साल से खराब पड़ी है। गड्ढों और उड़ती धूल से रहवासी परेशान हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि हालात इतने खराब हो चुके हैं कि सांस और आंखों से जुड़ी बीमारियां बढ़ रही हैं, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं किया गया।

अमित शाह के दौरे से पहले कुछ सड़कों का दुरुस्त होना भले ही प्रशासन की तत्परता दिखाए, लेकिन सवाल अब भी कायम है कि क्या यह सुधार स्थायी होगा या फिर वीआईपी दौरे के बाद हालात फिर पुराने जैसे हो जाएंगे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *