सागर जिले के रहली में ऐतिहासिक विरासत को संवारने और सांस्कृतिक उत्सव मनाने के लिए तीन दिवसीय ‘रहली महोत्सव’ का आयोजन 25 दिसंबर से किया जाएगा। यह भव्य कार्यक्रम सुनार नदी के घाट पर बने अटल सेतु पर आयोजित होगा। महोत्सव के लिए सेतु और आसपास के इलाके को विशेष रूप से सजाया गया है और रंग-बिरंगी रोशनी से सजाकर आकर्षक माहौल तैयार किया गया है।
महोत्सव की शुरुआत पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती के अवसर पर होगी। नगर पालिका ने आयोजन को भव्य बनाने के लिए अलग-अलग टीमें तैनात की हैं और तैयारियां अंतिम चरण में हैं।

विशेष आकर्षण और विकास कार्यों का भूमिपूजन
महोत्सव के पहले दिन, यानी 25 दिसंबर को अटल सेतु के पास नवनिर्मित अटल पार्क का लोकार्पण किया जाएगा। पार्क में अटल जी की 12 फीट ऊंची प्रतिमा स्थापित की गई है, जिसका अनावरण किया जाएगा। इसके साथ ही पार्क में 100 फीट ऊंचा तिरंगा झंडा भी फहराया जाएगा।
इस मौके पर शहर के विकास को भी रफ्तार मिलेगी। स्वच्छ भारत मिशन 2.0 के तहत करीब 7 करोड़ 95 लाख रुपए की लागत से शहर में नलों के इंटरसेक्शन, डायवर्सन और एसटीपी (STP) कार्यों का भूमिपूजन किया जाएगा।

सांस्कृतिक कार्यक्रमों का रंग
महोत्सव की शुरुआत 25 दिसंबर की शाम को ‘समुद्र मंथन’ नाटक के सजीव चित्रण से होगी। इसके बाद मुंबई से आए डांस ग्रुप अपनी प्रस्तुति देंगे।
26 दिसंबर को प्लेबैक सिंगर दीया घोष के गीतों पर शहर झूमेगा।
अंतिम दिन 27 दिसंबर को बुंदेलखंड के स्थानीय हास्य कलाकार और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स लोगों को मनोरंजन प्रदान करेंगे।
नगर की पहचान के रूप में महोत्सव
भाजपा नेता अभिषेक भार्गव ने कहा कि रहली महोत्सव अब नगर की पहचान बन चुका है और इसे अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर आयोजित किया जा रहा है।
नगर पालिका अध्यक्ष देवराज सोनी ने बताया कि तैयारियां पूरी हो चुकी हैं और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम भी किए गए हैं।
महोत्सव के आयोजन से न केवल सांस्कृतिक रंग बिखरेगा, बल्कि शहर के विकास और पर्यटन को भी नई दिशा मिलेगी।