सतना। जिले में रेलवे विभाग के एक ट्रॉली मैन द्वारा कथित मानसिक प्रताड़ना से तंग आकर कीटनाशक पीकर आत्महत्या का प्रयास करने का मामला सामने आया है। घटना बुधवार की बताई जा रही है। कर्मचारी सुरेश कुमार कुशवाहा की हालत गंभीर बनी हुई है और उन्हें सतना जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा है।

पत्नी ने लगाए अधिकारियों पर गंभीर आरोप
सुरेश कुमार की पत्नी ने रेलवे के दो अधिकारियों ए.पी. सिंह और मुकेश मिश्रा पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि दोनों अधिकारी उनके पति को लंबे समय से मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे थे। इसी प्रताड़ना से टूटकर सुरेश कुमार ने यह कदम उठाया।
बीमारी के बाद बढ़ी परेशानियां
परिजनों के अनुसार, करीब चार माह पहले सुरेश कुमार की तबीयत खराब हो गई थी। स्वास्थ्य कारणों से वे लगभग दो माह तक मेडिकल अवकाश पर रहे। ड्यूटी पर लौटने के बाद भी उनकी तबीयत पूरी तरह ठीक नहीं थी, जिसके चलते वे पहले जैसी क्षमता से काम नहीं कर पा रहे थे। आरोप है कि इसी बात को लेकर संबंधित अधिकारी उन्हें लगातार दबाव में रखते और परेशान करते रहे।
गाली-गलौज और मानसिक दबाव का आरोप
पत्नी का आरोप है कि अधिकारियों द्वारा सुरेश कुमार के साथ गाली-गलौज की जाती थी और उन पर लगातार मानसिक दबाव बनाया जाता था। इस व्यवहार से वे मानसिक रूप से बेहद परेशान हो गए थे। बुधवार को इसी तनाव के बीच उन्होंने कीटनाशक का सेवन कर लिया। हालत बिगड़ने पर परिजनों को जानकारी मिली और वे उन्हें तुरंत जिला अस्पताल लेकर पहुंचे।
अस्पताल में इलाज जारी, जांच की मांग
डॉक्टरों के मुताबिक सुरेश कुमार की स्थिति नाजुक बनी हुई है और उनका इलाज जारी है। वहीं, परिजनों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए आरोपित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
रेलवे प्रशासन की प्रतिक्रिया का इंतजार
इस पूरे मामले में फिलहाल रेलवे प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। घटना ने विभागीय कार्यप्रणाली और कर्मचारियों पर पड़ने वाले मानसिक दबाव को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस और प्रशासनिक स्तर पर आगे की कार्रवाई और जांच की प्रक्रिया पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।