सागर जिले के रहली थाना क्षेत्र अंतर्गत मैनाई गांव में गुरुवार रात एक ऐसी दर्दनाक घटना सामने आई, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। एक महिला और उसके दो मासूम बच्चों के शव घर के कमरे में फांसी के फंदे पर लटके मिले। घटना की जानकारी मिलते ही गांव में सन्नाटा पसर गया और हर आंख नम हो गई।

खेत से लौटे पति की चीख से टूटी खामोशी
मृतका के जेठ ब्रजेश लोधी ने बताया कि गुरुवार शाम वह और उसका छोटा भाई राजेश (मृतका का पति) खेत में सिंचाई कार्य के लिए गए हुए थे। रात करीब पौने दस बजे दोनों घर लौटे। घर पहुंचते ही वे अपने-अपने कमरों की ओर बढ़े ही थे कि अचानक राजेश के चीखने की आवाज आई। आवाज सुनकर ब्रजेश दौड़कर भाई के कमरे में पहुंचा, जहां का दृश्य देखकर उसके पैरों तले जमीन खिसक गई।
कमरे के भीतर बहू रचना लोधी (उम्र लगभग 32 वर्ष), उसका पांच वर्षीय बेटा ऋषभ और दो वर्षीय छोटा बेटा राम अलग-अलग फांसी के फंदे पर लटके हुए थे। यह दृश्य इतना भयावह था कि कुछ पल के लिए दोनों भाई स्तब्ध रह गए।

रस्सियां काटकर उतारा, लेकिन तब तक सब खत्म हो चुका था
आनन-फानन में दोनों भाइयों ने रस्सियां काटकर तीनों को नीचे उतारा और बचाने की कोशिश की, लेकिन तब तक तीनों की सांसें थम चुकी थीं। एक पल में राजेश की पूरी दुनिया उजड़ चुकी थी। पत्नी और दो मासूम बच्चों को इस हालत में देखकर वह बदहवास हो गया।
हत्या या आत्महत्या? हर एंगल से जांच
घटना की सूचना मिलते ही रहली थाना पुलिस मौके पर पहुंची। मामले की गंभीरता को देखते हुए फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) की टीम को भी बुलाया गया, जिसने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए। पुलिस के अनुसार, फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि मामला सामूहिक आत्महत्या का है या किसी साजिशन हत्या का।

पुलिस ने बताया कि घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। यह भी सामने आया है कि कमरे का दरवाजा खुला हुआ था, जिससे कई तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं। पुलिस हर पहलू से मामले की जांच कर रही है और परिजनों से भी पूछताछ की जा रही है।
पोस्टमॉर्टम के बाद खुलेगा राज
शुक्रवार दोपहर रहली अस्पताल में तीनों शवों का पोस्टमॉर्टम कराया गया। पुलिस का कहना है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी गई है।
गांव में पसरा मातम, हर आंख नम
घटना के बाद मैनाई गांव में मातम का माहौल है। जिस घर में कुछ घंटे पहले तक बच्चों की किलकारियां गूंजती थीं, वहां अब चीख-पुकार और सन्नाटा है। ग्रामीणों का कहना है कि रचना शांत स्वभाव की महिला थी और परिवार सामान्य रूप से जीवन यापन कर रहा था। ऐसे में इस घटना ने सभी को स्तब्ध कर दिया है।
पुलिस का कहना है कि किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी साक्ष्यों की गहनता से जांच की जाएगी। यह त्रासदी न सिर्फ एक परिवार की टूटन की कहानी है, बल्कि समाज के सामने कई अनसुलझे सवाल भी छोड़ गई है।