सागर के कोतवाली थाने में पदस्थ आरक्षक रूपेश साहू (40) की दमोह स्थित उनके घर में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। यह घटना रविवार की बताई जा रही है। परिजन उन्हें गंभीर हालत में अस्पताल लेकर पहुंचे थे, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना से पुलिस महकमे सहित पूरे परिवार में शोक की लहर है।
मृतक आरक्षक रूपेश साहू मूल रूप से दमोह के फुटेरा वार्ड क्रमांक-4 के निवासी थे और वर्तमान में सागर के कोतवाली थाने में पदस्थ थे। जानकारी के अनुसार वे कुछ दिनों के लिए अपने घर दमोह आए हुए थे। इसी दौरान रविवार को उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। परिजन तत्काल उन्हें अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।

पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा
सूचना मिलने पर स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची। शव का पंचनामा तैयार कर पोस्टमार्टम कराया गया, जिसके बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। फिलहाल मौत के कारणों को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई है।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
मृतक के चचेरे भाई सजल साहू ने बताया कि रूपेश साहू की पत्नी नीता साहू दमोह जिला अस्पताल में नर्स के पद पर कार्यरत हैं। रूपेश के तीन बच्चे हैं, जिनमें एक बेटा और दो बेटियां शामिल हैं। इस अचानक हुई घटना से पूरा परिवार सदमे में है।
घटना के बाद से घर में मातम पसरा हुआ है। मृतक के पिता का रो-रोकर बुरा हाल है। वे बेटे के दोस्तों और परिचितों से लिपटकर उसके बचपन और संघर्ष के दिनों को याद कर भावुक हो रहे हैं। परिजनों का कहना है कि रूपेश सामान्य स्वभाव के थे और उन्होंने कभी किसी गंभीर परेशानी का जिक्र नहीं किया था, ऐसे में यह कदम उठाने की वजह उन्हें समझ नहीं आ रही है।
आत्महत्या के कारणों की जांच जारी
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल आत्महत्या के पीछे के कारण स्पष्ट नहीं हो पाए हैं। मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। परिजनों, रिश्तेदारों और करीबी लोगों से पूछताछ की जा रही है ताकि घटना के पीछे की वास्तविक वजह सामने आ सके।
इस दुखद घटना के बाद न सिर्फ परिवार बल्कि पुलिस विभाग में भी शोक का माहौल है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।