ढाना रेंज के जंगल में मिला बाघ का शव, बिना चोट के मौत से बढ़ी चिंता !

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सागर जिले के दक्षिण वन परिक्षेत्र की ढाना रेंज अंतर्गत हिलगन गांव के पास रविवार को उस समय सनसनी फैल गई, जब ग्रामीणों ने जंगल क्षेत्र में एक बाघ का शव पड़ा देखा। बाघ का शव मिलने की खबर से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। ग्रामीणों ने तत्काल इसकी सूचना वन विभाग को दी, जिसके बाद विभाग की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की गई।

सूचना मिलते ही ढाना रेंज के अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे। साथ ही वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और पूरे क्षेत्र का निरीक्षण किया। सुरक्षा की दृष्टि से बाघ के शव के आसपास घेरा बनाकर आम लोगों की आवाजाही रोक दी गई है। टीम द्वारा मौके पर पंचनामा कार्रवाई की जा रही है।

प्राथमिक जांच में नहीं मिले चोट या संघर्ष के निशान

वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, प्रारंभिक जांच में बाघ के शरीर पर किसी प्रकार की बाहरी चोट, संघर्ष या हिंसा के निशान नहीं पाए गए हैं। इससे बाघ की मौत को लेकर रहस्य बना हुआ है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि बाघ की मौत किन कारणों से हुई।

ढाना रेंजर प्रतीक श्रीवास्तव ने जानकारी देते हुए बताया कि मृत बाघ नर है और उसकी उम्र लगभग 8 से 10 वर्ष के बीच आंकी गई है। बाघ का शव हिलगन गांव के पास जंगल क्षेत्र में मिला है। आसपास के क्षेत्र में सर्चिंग भी कराई जा रही है।

विटनरी डॉक्टरों की टीम मौके पर

वन विभाग ने मामले की गंभीरता को देखते हुए विटनरी डॉक्टरों की टीम को भी मौके पर बुलाया है। डॉक्टरों की मौजूदगी में बाघ के शव का परीक्षण किया जाएगा। इसके बाद नियमानुसार पोस्टमार्टम कराया जाएगा।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद होगा खुलासा

वन विभाग का कहना है कि बाघ के शव का पोस्टमार्टम किए जाने के बाद ही उसकी मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा। पीएम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

बाघ की मौजूदगी और मूवमेंट भी जांच के दायरे में

वन विभाग इस पहलू की भी जांच कर रहा है कि बाघ किस वन क्षेत्र से यहां पहुंचा था और वह कितने समय से इस इलाके में सक्रिय था। आसपास के जंगल क्षेत्रों से बाघ की मूवमेंट को लेकर भी जानकारी जुटाई जा रही है। कैमरा ट्रैप और अन्य तकनीकी माध्यमों से भी जांच की जा सकती है।

बिना किसी स्पष्ट चोट के बाघ की मौत ने वन विभाग और वन्यजीव विशेषज्ञों की चिंता बढ़ा दी है। साथ ही क्षेत्र में वन्यजीवों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े हो गए हैं। फिलहाल वन विभाग हर एंगल से मामले की जांच में जुटा हुआ है।

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