सागर। मॉडल स्कूल मैदान बाईसा मुहाल में श्री गणेश महापुराण कथा में अविराज सिंह का भक्ति-संस्कार संदेश !

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सागर के मॉडल स्कूल मैदान, बाईसा मुहाल में आयोजित श्री गणेश महापुराण कथा में युवानेता अविराज सिंह ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए भक्ति, संस्कार और सनातन संस्कृति के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि सच्ची भक्ति वही है, जो प्रेम और श्रद्धा से की जाए, न कि धन, वैभव या किसी स्वार्थ की अपेक्षा से। भक्ति के मार्ग पर चलने वाला व्यक्ति जीवन की कठिन परिस्थितियों में भी स्वयं को अकेला नहीं पाता, क्योंकि उसे यह विश्वास रहता है कि प्रभु सदैव उसके साथ हैं।

अविराज सिंह ने कहा कि भगवान गणेश ने माता-पिता की भक्ति को सर्वोपरि बताया है, क्योंकि तीनों लोक माता-पिता में ही समाहित हैं। उन्होंने कथा वाचक पं. ऋषि शास्त्री जी महाराज को नमन करते हुए उनसे आशीर्वाद प्राप्त किया। उल्लेखनीय है कि श्री गणेश महापुराण कथा का आयोजन श्री नागेश्वर मंदिर के भक्तगण एवं समस्त क्षेत्रवासियों द्वारा किया गया है।

अपने उद्बोधन में अविराज सिंह ने कहा कि श्री गणेश महापुराण के माध्यम से भगवान श्रीगणेश के जीवन मूल्यों का अत्यंत सुंदर वर्णन किया गया है। भगवान गणेश हमें विनम्रता, धैर्य और दूरदर्शिता का संदेश देते हैं। उनके बड़े कान अधिक सुनने और कम बोलने की सीख देते हैं, जबकि उनकी बड़ी आंखें यह संकेत देती हैं कि कोई भी निर्णय लेने से पहले उसके दूरगामी परिणामों पर विचार करना चाहिए। वहीं उनका विशाल उदर यह संदेश देता है कि जीवन की हर परिस्थिति को धैर्यपूर्वक स्वीकार करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि प्रत्येक परिवार को अपने घर में भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित करनी चाहिए, जिससे घर का वास्तु संतुलित रहता है और सुख-समृद्धि का वास होता है। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में मनुष्य को अपने समय का अधिकाधिक हिस्सा भक्ति, सत्संग और धार्मिक आयोजनों में लगाना चाहिए, ताकि मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा बनी रहे।

अविराज सिंह ने कहा कि भगवान श्रीराम की कथा और भगवान श्रीहनुमान जी की प्राण-प्रतिष्ठा जैसे धार्मिक आयोजन समाज में संस्कार, भक्ति और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं। ऐसे आयोजन न केवल हमारी सनातन संस्कृति को सशक्त बनाते हैं, बल्कि नई पीढ़ी को भी धर्म, आस्था और संस्कारों से जोड़ने का महत्वपूर्ण कार्य करते हैं।

इसी उद्देश्य से सागर के रुद्राक्ष धाम में आयोजित होने जा रही सात दिवसीय श्रीराम कथा एवं नवनिर्मित श्री दक्षिणमुखी हनुमान जी मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा कार्यक्रम को लेकर व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि रुद्राक्ष धाम मंदिर प्रांगण, सागर में आगामी 31 जनवरी से 6 फरवरी 2026 तक भव्य श्रीराम कथा का आयोजन प्रस्तावित है, जबकि 1 फरवरी 2026 को नवनिर्मित श्री दक्षिणमुखी हनुमान जी मंदिर में विधि-विधान से प्राण-प्रतिष्ठा कार्यक्रम संपन्न होगा। इस आयोजन को लेकर क्षेत्रवासियों में उत्साह और श्रद्धा का वातावरण व्याप्त है।

युवानेता अविराज सिंह ने बताया कि उन्होंने अपने जनसंपर्क अभियान की शुरुआत मॉडल स्कूल मैदान, बाईसा मोहल्ला, सागर में आयोजित श्री गणेश महापुराण कथा में सहभागिता कर की। इस अवसर पर उन्होंने कथा में उपस्थित सदर क्षेत्र की जनता को श्रीराम कथा एवं हनुमान जी की प्राण-प्रतिष्ठा कार्यक्रम में सहभागिता हेतु आमंत्रण पत्र वितरित किए। साथ ही प्रभु श्रीगणेश के चरणों में आमंत्रण पत्र अर्पित कर आयोजन की सफलता की कामना की।

इस अवसर पर अविराज सिंह ने सागर के विभिन्न क्षेत्रों में प्रमुख गणमान्य नागरिकों से भेंट कर उन्हें आमंत्रण पत्र प्रदान किए। घर-घर जाकर संपर्क करते हुए उन्होंने आयोजन की विस्तृत जानकारी आमजन तक पहुंचाई, जहां नागरिकों द्वारा उनका आत्मीय स्वागत किया गया।

उन्होंने यह भी जानकारी दी कि प्रयागराज से पधारे सुप्रसिद्ध श्रीराम कथा वाचक पं. श्री प्रेमभूषण जी महाराज के श्रीमुख से प्रतिदिन दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक भगवान श्रीराम की कथा का रसपान श्रद्धालुओं को कराया जाएगा।

कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु, गणमान्य नागरिक एवं क्षेत्रवासी उपस्थित रहे। धार्मिक वातावरण, भक्ति-भाव और श्रद्धा से ओत-प्रोत इस आयोजन ने क्षेत्र में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार किया।

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