इंदौर के प्रसिद्ध खजराना गणेश मंदिर में नए साल के अवसर पर की जा रही व्यवस्थाओं को लेकर विवाद सामने आया है। 31 दिसंबर की रात से 1 जनवरी तक भारी संख्या में श्रद्धालुओं के आगमन को देखते हुए मंदिर परिसर में बैरिकेडिंग की जा रही है, लेकिन इसी बैरिकेडिंग को लेकर प्रसाद दुकान संचालकों में नाराजगी फैल गई है।

नाराज प्रसाद दुकानदारों ने विरोध स्वरूप समय से पहले अपनी दुकानें बंद कर दीं और मंदिर परिसर में ही बैठकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। दुकानदारों का कहना है कि बैरिकेड्स सीधे उनकी दुकानों के सामने लगा दिए गए हैं, जिससे श्रद्धालु दुकानों तक नहीं पहुंच पा रहे और उनकी ग्राहकी पर सीधा असर पड़ रहा है।
दुकानदारों ने इस पूरे मामले की जानकारी मंदिर प्रबंधन समिति को दी। मौके पर पहुंची खजराना पुलिस ने भी प्रसाद दुकानदारों से चर्चा की और उन्हें उचित समाधान का आश्वासन दिया। हालांकि पुलिस के समझाइश और आश्वासन के बावजूद दुकानदारों ने अपनी दुकानें बंद रखीं और विरोध जारी रखा।

प्रसाद दुकान संचालक कैलाश माली ने बताया कि,
“हमारी दुकानों के ठीक सामने बैरिकेड्स लगा दिए गए हैं। इससे श्रद्धालु हमारी दुकानों तक नहीं आ पा रहे हैं और व्यापार पूरी तरह ठप हो जाएगा। इसी कारण सभी दुकानदारों ने एकजुट होकर दुकानें बंद कर दी हैं। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि बुधवार को बैरिकेड्स हटाने या समाधान पर चर्चा होगी।”

वहीं, मंदिर प्रबंधन समिति के मैनेजर गौरीशंकर मिश्रा ने कहा कि,
“नए साल पर भक्तों की सुरक्षा और सुगम दर्शन व्यवस्था के लिए बैरिकेडिंग की जा रही है। प्रसाद दुकान संचालकों ने इस पर आपत्ति जताई है। बुधवार को सभी दुकानदारों से बैठक कर बातचीत की जाएगी और आपसी सहमति से समाधान निकाला जाएगा।”
गौरतलब है कि खजराना गणेश मंदिर में हर साल नए साल पर लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए मंदिर प्रशासन द्वारा विशेष सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण के इंतजाम किए जा रहे हैं। हालांकि बैरिकेडिंग की जगह और तरीके को लेकर उत्पन्न हुए इस विवाद ने फिलहाल मंदिर परिसर में असहज स्थिति बना दी है।
अब सबकी नजर बुधवार को होने वाली मंदिर प्रबंधन और प्रसाद दुकान संचालकों के बीच होने वाली बैठक पर टिकी है, जिसमें इस विवाद का हल निकलने की उम्मीद जताई जा रही है।