इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में हालात बेहद गंभीर बने हुए हैं। यहां नलों से पीने का पानी नहीं, बल्कि ड्रेनेज मिला दूषित पानी सप्लाई होने से इलाके में स्वास्थ्य संकट खड़ा हो गया है। उल्टी-दस्त की बीमारी ने भयावह रूप ले लिया है। परिवार के परिवार बीमार पड़ गए हैं और कई मरीजों की हालत गंभीर बनी हुई है।
रहवासियों का कहना है कि 22 दिसंबर से नलों में बदबूदार और गंदा पानी आ रहा है। सुबह जैसे ही पानी की सप्लाई होती है, तेज दुर्गंध फैल जाती है। मजबूरी में लोग पानी उबालकर और छानकर पी रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद बड़ी संख्या में लोग बीमार हो चुके हैं।

मेडिकल स्टोर और अस्पतालों में मरीजों की भीड़
हरदास मेडिकल स्टोर संचालक महेश सिंह सिकरवार ने बताया कि पिछले 7-8 दिनों में उल्टी-दस्त के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ी है। अनुमान है कि अब तक कम से कम एक हजार लोग प्रभावित हो चुके हैं। रोजाना 50 से 60 मरीज सिर्फ दवा लेने मेडिकल स्टोर पहुंच रहे हैं। क्लोरीन की गोलियों की मांग भी अचानक बढ़ गई है।
रहवासियों का दर्द
स्थानीय दुकानदार प्रकाश का कहना है कि एक महीने से गंदा पानी आ रहा है। कई बार पार्षद कमल वाघेला से शिकायत की गई, लेकिन हर बार टाल दिया गया। रहवासी प्रिया शर्मा ने बताया कि 22 दिसंबर को दूषित पानी पीने के बाद 23 दिसंबर से अचानक उल्टियां शुरू हो गईं और हालत बिगड़ती चली गई। उन्हें अपोलो अस्पताल में 6 दिन तक भर्ती रहना पड़ा।
मोनिका सूर्यवंशी की हालत भी गंभीर रही। वे घर लौट आई हैं, लेकिन अभी चलने-फिरने में भी परेशानी हो रही है। मीराबाई सूर्यवंशी ने बताया कि पूरे परिवार की तबीयत खराब है। उनकी एक महीने की पोती भी अस्पताल में भर्ती है। कई मरीजों की स्थिति ऐसी है कि एक दिन में 50 से ज्यादा डायपर बदलने पड़ रहे हैं।
किडनी और लिवर तक पहुंचा संक्रमण
रहवासी रोहित ने बताया कि उनकी मां संतोष बाई निजी अस्पताल के ICU में भर्ती हैं। डॉक्टरों के मुताबिक संक्रमण किडनी तक पहुंच गया है और डायलिसिस की नौबत आ सकती है।
निलेश सरोदे ने बताया कि उनकी मां सुशीला बाई का लिवर खराब हो गया है और इलाज में अब तक एक लाख रुपए से ज्यादा खर्च हो चुके हैं।
परदेशीपुरा तक फैला असर
चिंता की बात यह है कि उल्टी-दस्त के मरीज परदेशीपुरा क्षेत्र से भी सामने आए हैं। कई मरीज अरबिंदो अस्पताल, वर्मा नर्सिंग होम और ईएसआईसी अस्पताल में भर्ती हैं।
अस्पतालों की स्थिति
- वर्मा नर्सिंग होम: 24 मरीज भर्ती, रोज 8-10 नए मरीज पहुंच रहे हैं।
- ईएसआईसी अस्पताल: दो दिन में 18 मरीज भर्ती, एक महिला को डायलिसिस के लिए रैफर किया गया।
- त्रिवेणी हॉस्पिटल: 3 मरीज भर्ती, एक बच्चे को रैफर किया गया।
मौतों के बाद जागा निगम
दूषित पानी से लोगों की जान जाने के बाद नगर निगम हरकत में आया। निगमायुक्त दिलीप कुमार यादव और जलप्रदाय विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे। पानी की टंकी से सैंपल लिए गए और 25 टैंकरों से पेयजल सप्लाई की व्यवस्था की गई। लोगों को पानी उबालकर उपयोग करने की सलाह दी गई और ओआरएस के पैकेट बांटे गए।
मंगलवार को महापौर पुष्यमित्र भार्गव और जलकार्य प्रभारी अभिषेक बबलू शर्मा भी भागीरथपुरा पहुंचे। निगम ने जांच का भरोसा दिया है, लेकिन रहवासियों का कहना है कि जब तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं होगा, खतरा बना रहेगा।