सागर जिले में सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने और आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कलेक्टर श्री संदीप जी. आर. के निर्देश पर व्यापक स्तर पर सड़क सुरक्षा अभियान शुरू किया गया है। इसी क्रम में 2 जनवरी को जिले के समस्त ग्रामों में सड़क सुरक्षा के संबंध में विशेष ग्राम सभाओं का आयोजन किया जाएगा, जिसमें ग्रामीणों को यातायात नियमों और सुरक्षा उपायों की विस्तृत जानकारी दी जाएगी।

ट्रैक्टर-ट्रॉलियों पर रेडियम लगाने की शुरुआत
कलेक्टर के निर्देश के तत्काल बाद क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी श्री मनोज तेगुरिया द्वारा कार्रवाई करते हुए सागर कृषि मंडी चौराहे से लेकर खुरई रोड तक 60 से अधिक ट्रैक्टर-ट्रॉलियों पर रेडियम की पट्टियां लगाई गईं। इस दौरान ट्रैक्टर-ट्रॉली संचालकों और चालकों को सड़क सुरक्षा से जुड़ी आवश्यक हिदायतें भी दी गईं।
क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी श्री मनोज तेगुरिया ने बताया कि यह अभियान जिले में होने वाली सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है। 2 जनवरी को होने वाली ग्राम सभाओं में ग्रामवासियों और अन्य नागरिकों को सड़क सुरक्षा के नियमों, ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के सुरक्षित संचालन और रात के समय दृश्यता बढ़ाने के उपायों के बारे में जागरूक किया जाएगा।

समाज संगठनों ने किया अभियान का समर्थन
इस पहल का सामाजिक संगठनों ने भी समर्थन किया है। प्रजापति समाज के अध्यक्ष ने अभियान की सराहना करते हुए कहा कि कलेक्टर श्री संदीप जी. आर. की यह अभिनव पहल सागर जिले के लिए वरदान साबित होगी। उन्होंने कहा कि ट्रैक्टर-ट्रॉलियों पर रेडियम पट्टी लगने से रात के समय दुर्घटनाओं में कमी आएगी और लोगों की जान सुरक्षित रहेगी।

ट्रैक्टर-ट्रॉली संचालकों को दी गई सख्त हिदायत
जिला क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी ने ट्रैक्टर-ट्रॉली संचालकों से अपील की कि वे अपने वाहनों का संचालन यातायात नियमों के अनुरूप ही करें। उन्होंने कहा कि वाहन खराब होने की स्थिति में ट्रैक्टर-ट्रॉली को सड़क के किनारे सुरक्षित खड़ा करें और सभी ट्रैक्टर-ट्रॉलियों पर रेडियम अनिवार्य रूप से लगवाएं। इसके साथ ही उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि यदि ट्रैक्टर-ट्रॉली पर लोहे की रॉड या अन्य लंबा सामान ले जाया जा रहा हो, तो उसके लिए विशेष सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
प्रशासन का मानना है कि इस अभियान और ग्राम सभाओं के माध्यम से लोगों में जागरूकता बढ़ेगी, जिससे सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण संभव हो सकेगा और जिले में यातायात व्यवस्था अधिक सुरक्षित बनेगी।