खुरई | खुरई के गुरुनानक देव वार्ड से भाजपा पार्षद एवं पूर्व एनएसजी कमांडो मनोज राय को रेप के एक चर्चित मामले में सागर विशेष न्यायालय ने दोषमुक्त करार दिया है। यह फैसला सागर कोर्ट के न्यायाधीश प्रदीप सोनी की अदालत ने सुनाया। मामला 11 मार्च 2025 को दर्ज हुआ था, जो उस समय जिलेभर में चर्चा का विषय बना हुआ था।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, खुरई के एक भाजपा नेता की पत्नी ने मनोज राय के खिलाफ दुष्कर्म का आरोप लगाते हुए 11 मार्च 2025 को मामला दर्ज कराया था। प्रकरण दर्ज होने के अगले दिन 12 मार्च को मनोज राय को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। इससे पहले खुरई शहरी पुलिस ने उन्हें पूछताछ के लिए थाने बुलाया था, जहां से उनके कथित तौर पर भागने की बात सामने आई थी। हालांकि बाद में मनोज राय ने स्वयं सरेंडर कर कानूनी प्रक्रिया का सामना किया।

चूंकि यह मामला एससी/एसटी एक्ट से जुड़ा हुआ था, इसलिए इसकी सुनवाई सागर स्थित विशेष न्यायालय में की गई। न्यायालय में अभियोजन पक्ष और बचाव पक्ष की ओर से प्रस्तुत किए गए सभी साक्ष्यों, दस्तावेजों और गवाहों के बयानों पर विस्तार से सुनवाई हुई। लंबी सुनवाई के बाद न्यायालय ने यह माना कि आरोपों को सिद्ध करने के लिए पर्याप्त और ठोस प्रमाण उपलब्ध नहीं हैं। इसके चलते मनोज राय को सभी आरोपों से बरी कर दिया गया।
फैसला सुनाए जाने के बाद जब मनोज राय सागर विशेष न्यायालय से बाहर आए, तो उन्होंने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्हें शुरू से ही न्याय व्यवस्था और सत्य की जीत पर पूरा भरोसा था। उन्होंने कहा कि यह उनके और उनके परिवार के लिए मानसिक रूप से बेहद कठिन समय था, लेकिन अंततः न्याय मिला।
न्यायालय के इस फैसले के बाद मनोज राय के समर्थकों और नगर के कई नागरिकों ने निर्णय का स्वागत किया है। वहीं, यह मामला राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर लंबे समय तक चर्चा में रहा, जिस पर अब अदालत के फैसले के साथ विराम लग गया है।