बंडा | विद्युत मंडल में पदस्थ अनुविभागीय अधिकारी आरसी चढ़ार के 36 वर्षों के सफल सेवाकाल के उपरांत सेवानिवृत्त होने पर बुधवार को विभागीय कार्यालय में सम्मानपूर्वक विदाई समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती के छायाचित्र पर माल्यार्पण के साथ की गई।
समारोह में उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने आरसी चढ़ार के जीवन वृत्त और सेवाकाल पर प्रकाश डालते हुए उन्हें ईमानदार, कर्तव्यनिष्ठ एवं गंभीरता से कार्य करने वाला अधिकारी बताया। वक्ताओं ने कहा कि चढ़ार ने अपने पूरे सेवाकाल में विभागीय जिम्मेदारियों को निष्ठा और अनुशासन के साथ निभाया और अधीनस्थ कर्मचारियों के लिए हमेशा मार्गदर्शक की भूमिका निभाई।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कार्यपालन अभियंता मयंक मरकाम ने कहा कि आरसी चढ़ार सरल और सहज व्यक्तित्व के धनी रहे हैं। उन्होंने कहा कि डेढ़ वर्ष तक साथ में कार्य करते हुए यह अनुभव हुआ कि उन्होंने कार्यालयीन कार्यों को कुशलता और समर्पण के साथ संपादित किया। उन्होंने कर्मचारियों से अपील की कि वे चढ़ार के कार्यशैली और ईमानदारी से प्रेरणा लेकर अपने कर्तव्यों का निर्वहन करें।
अपने विदाई संबोधन में आरसी चढ़ार ने भावुक होते हुए कहा कि अपने पूरे सेवाकाल के दौरान उन्हें अधिकारियों और कर्मचारियों का परिवार जैसा सहयोग मिला। उन्होंने कहा कि विभाग के साथ बिताया गया समय हमेशा स्मरणीय रहेगा और भविष्य में भी जब विभाग को आवश्यकता होगी, वे सहयोग के लिए सदैव उपलब्ध रहेंगे।
समारोह के अंत में अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा आरसी चढ़ार को शाल एवं श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर कार्यपालन अभियंता मयंक मरकाम, अनुरूद सिंह ठाकुर, अमर सिंह ठाकुर, धर्मेन्द्र जैन, मदन नामदेव, संतोष खरे, केएल सोनी, अशोक तिवारी सहित सभी डिविजनों के अधिकारी-कर्मचारी एवं उनके परिजन उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन चंद्रभान विश्वकर्मा ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन मदन नामदेव द्वारा किया गया।