खुरई में एक बार फिर वाहन में आग, बैटरी से चलने वाले वाहनों की सुरक्षा पर सवाल !

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खुरई नगर में बैटरी से चलने वाले वाहनों में आग लगने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। ताजा मामला जेल रोड स्थित लव-कुश चौराहा के पास का है, जहां एक स्कूटी में अचानक आग लग गई। स्कूटी पर सवार दो सगी बहनें इस हादसे में बाल-बाल बच गईं। खास बात यह है कि बीते 24 दिनों के भीतर खुरई क्षेत्र में वाहनों में आग लगने की यह तीसरी घटना है, जिससे लोगों की चिंता और बढ़ गई है।

जानकारी के अनुसार, बुधवार को रुसल्ला रोड निवासी खेमचंद अहिरवार की बेटी रिंकी अपनी छोटी बहन के साथ स्कूटी से बाजार गई थीं। खरीदारी के बाद दोनों बहनें जब घर लौट रही थीं, तभी घर से कुछ ही दूरी पर उनकी स्कूटी से अचानक धुआं निकलने लगा। इससे पहले कि वे कुछ समझ पातीं, स्कूटी में आग भड़क उठी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए दोनों बहनों ने तुरंत स्कूटी से उतरकर अपनी जान बचाई।

घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। आसपास मौजूद लोगों ने साहस दिखाते हुए पानी और अन्य संसाधनों से आग बुझाने का प्रयास किया। काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। हालांकि तब तक स्कूटी का अगला हिस्सा और वायरिंग पूरी तरह जल चुकी थी।

पहले भी हो चुकी हैं ऐसी घटनाएं
बताया जा रहा है कि इससे पहले 6 दिसंबर को खुरई के नरोदा गांव के पास एक नाबालिग लड़के की टीवीएस जुपिटर स्कूटी में अचानक आग लग गई थी। वहीं दूसरी घटना 15 दिसंबर को नेहरू स्टेडियम के सामने हुई, जहां एक ई-रिक्शा की बैटरी में जोरदार धमाका हो गया था। सौभाग्य से इन तीनों घटनाओं में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन वाहनों को नुकसान जरूर पहुंचा।

स्थानीय लोगों में दहशत, सुरक्षा पर उठे सवाल
लगातार हो रही इन घटनाओं ने स्थानीय लोगों को बैटरी और इलेक्ट्रिक वाहनों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता में डाल दिया है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते जांच और ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो भविष्य में कोई बड़ा हादसा भी हो सकता है। नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि बैटरी चालित वाहनों की तकनीकी जांच, चार्जिंग व्यवस्था और सुरक्षा मानकों को लेकर सख्त निगरानी की जाए।

फिलहाल पुलिस और संबंधित विभाग पूरे मामले की जानकारी जुटा रहे हैं। वहीं, खुरई में बार-बार सामने आ रही ऐसी घटनाएं यह सवाल जरूर खड़ा कर रही हैं कि क्या बैटरी से चलने वाले वाहन पूरी तरह सुरक्षित हैं, या फिर लापरवाही और तकनीकी खामियां इन हादसों की वजह बन रही हैं।

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