नए साल का स्वागत धार्मिक आस्था और दर्शन के साथ करने की चाह ने रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों का सैलाब उमड़ा दिया है। बुधवार शाम बीना रेलवे जंक्शन से गुजरने वाली लगभग सभी ट्रेनों में भारी भीड़ देखने को मिली। हालात इतने खराब रहे कि यात्रियों को बैठना तो दूर, खड़े होने तक की जगह नहीं मिल पाई।
गेट पर लटककर करना पड़ा सफर
भीड़ का आलम यह रहा कि कई यात्री अपनी जान जोखिम में डालकर ट्रेन के गेट पर लटककर यात्रा करते नजर आए। जनरल कोच ही नहीं, बल्कि स्लीपर कोच भी पूरी तरह ठसाठस भरे रहे। कुछ यात्रियों को शौचालय के पास खड़े होकर या फर्श पर बैठकर यात्रा करनी पड़ी, जिससे सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

धार्मिक स्थलों की ओर सबसे ज्यादा रुख
बीना जंक्शन पर मथुरा–वृंदावन, मैहर, खाटू श्याम, प्रयागराज, तिरुपति बालाजी, बनारस, चित्रकूट, दतिया पीतांबरा पीठ, सांवरिया सेठ और उज्जैन महाकाल जाने वाली ट्रेनों में सबसे ज्यादा भीड़ देखी गई। नए साल की शुरुआत भगवान के दर्शन से करने की चाह में यात्रियों में जैसे होड़ मची हुई थी।
यात्रियों ने बयां की पीड़ा
अशोकनगर निवासी जगदीश यादव ने बताया कि वे नए साल की शुरुआत बांके बिहारी के दर्शन से करना चाहते हैं, इसलिए परिवार के साथ मथुरा–वृंदावन जा रहे हैं। वहीं यात्री राजू विश्वकर्मा ने बताया कि ट्रेन में इतनी ज्यादा भीड़ थी कि उन्हें मजबूरी में गेट के पास बैठकर सफर करना पड़ा।

जनरल कोच कम, स्लीपर में चढ़ने की मजबूरी
यात्री लालचंद कोरी ने रेलवे व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि अधिकांश एक्सप्रेस ट्रेनों में एसी और स्लीपर कोच की संख्या ज्यादा है, जबकि जनरल कोच बेहद कम हैं। इसी कारण बिना रिजर्वेशन वाले यात्रियों को स्लीपर कोच में चढ़ना पड़ रहा है, जिससे अव्यवस्था और बढ़ रही है।
रिजर्वेशन न मिलने से बढ़ी मुश्किलें
नए साल की भीड़ के चलते कई ट्रेनों में लंबी वेटिंग लिस्ट चल रही है। बनारस जा रहे यात्री रोशन अहिरवार ने बताया कि परिवार के साथ यात्रा करनी है, लेकिन टिकट कन्फर्म न होने के कारण उन्हें भीड़भाड़ वाले कोच में सफर करना पड़ रहा है।

कोहरे ने बढ़ाई परेशानी
उधर, मौसम की मार ने भी यात्रियों की दिक्कतें बढ़ा दी हैं। घने कोहरे के चलते शताब्दी एक्सप्रेस, साबरमती एक्सप्रेस, काशी महाकाल सुपरफास्ट, प्रयागराज एक्सप्रेस सहित कई ट्रेनें घंटों देरी से चल रही हैं। यात्री सोमू ताम्रकार ने बताया कि ट्रेनों की लेटलतीफी के कारण सैकड़ों यात्री स्टेशन पर घंटों इंतजार करने को मजबूर हैं।
कुल मिलाकर, नए साल के उत्साह के बीच रेलवे व्यवस्था पर भारी दबाव साफ नजर आ रहा है। यात्रियों ने रेलवे प्रशासन से मांग की है कि त्योहारों और विशेष अवसरों पर अतिरिक्त कोच और स्पेशल ट्रेनें चलाई जाएं, ताकि यात्रियों को सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा मिल सके।