इंदौर। भागीरथपुरा में दूषित पानी के कारण फैल रही बीमारी और मौतों के मामले को लेकर कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने रेजिडेंसी कोठी में अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक के बाद मंत्री ने मीडिया से चर्चा करते हुए बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार सभी पक्षों के साथ मिलकर समस्या का निराकरण किया गया है।
टेंडर पूरे किए गए, पानी की समस्या सर्वोच्च प्राथमिकता
मंत्री ने कहा कि जहां-जहां टेंडर लंबित थे, उन्हें पूरा कर दिया गया है। विशेष रूप से भागीरथपुरा क्षेत्र के सभी आवश्यक टेंडर अब पूरी तरह से निष्पादित हो चुके हैं। मंत्री ने स्पष्ट किया कि पानी से जुड़ी शिकायतों को सरकार सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है और किसी भी समस्या की जानकारी सबसे पहले अटेंड की जाएगी।

अधिकारी बढ़ाए जा रहे हैं, व्यवस्थाएं सुचारू
अधिकारी कमी के कारण व्यवस्थाओं पर अतिरिक्त दबाव था, लेकिन अब दो-तीन और अधिकारी तैनात किए जा रहे हैं। इससे कार्यभार कम होगा और व्यवस्थाएं सुचारू रूप से चलेंगी।
स्वास्थ्य स्थिति पर जानकारी
मंत्री ने बताया कि भागीरथपुरा में मरीजों का आना अभी जारी है। आज सुबह चार नए मरीज भंडारी अस्पताल में भर्ती हुए। पिछले दो दिनों में लगभग 1,400 लोग प्रभावित हुए, जिनमें से 200 मरीजों को अस्पताल में भर्ती करना पड़ा। शेष मरीजों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई।
नगरीय प्रशासन मंत्री ने कहा कि कल 40-50 मरीज डिस्चार्ज हुए और आज भी लगभग इतने ही मरीजों को छुट्टी मिलने की उम्मीद है। आईसीयू में भर्ती किसी भी मरीज की स्थिति डेंजर जोन में नहीं है। उन्होंने कहा कि इलाज की गुणवत्ता और समय पर उपचार सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी अस्पतालों में स्वास्थ्य विभाग और राजस्व विभाग के अधिकारी तैनात रहेंगे। अस्पतालों में हेल्प डेस्क बनाई जा रही है ताकि मरीज और परिजन किसी भी समस्या पर तुरंत सहायता प्राप्त कर सकें। कार्यकर्ता अस्पतालों में मौजूद हैं और मरीजों की जरूरतों जैसे नारियल पानी और दवाइयां तुरंत पूरी की जा रही हैं।
पाइपलाइन बदलने का काम जारी
मंत्री ने बताया कि क्षेत्र की 60 प्रतिशत पाइपलाइन बदल दी गई है और शेष 40 प्रतिशत पाइपलाइन के बदलने के टेंडर हो गए हैं। पाइपलाइन चालू होने के बाद रैंडम सैंपलिंग के माध्यम से लीकेज और पानी की गुणवत्ता का निरीक्षण किया जाएगा।
मौतों के आंकड़ों पर स्पष्टता
मंत्री ने कहा कि मौतों के आंकड़ों पर जो सवाल उठ रहे हैं, उनमें भ्रम है। सरकारी रिकॉर्ड और स्थानीय जानकारी में अंतर है। डॉक्टरों के अनुसार कुछ मौतें प्राकृतिक हैं, लेकिन सरकार पूरी जांच करेगी। मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुसार प्रभावित परिवारों को सहायता राशि भी दी जाएगी।
यह बैठक और सरकार की त्वरित कार्रवाई यह दर्शाती है कि भागीरथपुरा में दूषित पानी की समस्या को हल करना और प्रभावित नागरिकों को राहत पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।