मध्यप्रदेश में ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (जीसीसी) पॉलिसी: प्रदेश की आर्थिक विकास की नई दिशा !

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मुख्य बिंदु:

  • केंद्रीय बजट में घोषणा: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आगामी बजट में ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (जीसीसी) के लिए राष्ट्रीय नीति बनाने की घोषणा की। इसके बाद, मध्यप्रदेश सरकार ने 31 जनवरी 2023 को जीसीसी पॉलिसी को मंजूरी दी, जो राज्य में आईटी और अन्य उच्च-तकनीकी सेवाओं के विकास के लिए एक बड़ा कदम साबित होगा।
  • लक्ष्य: मध्यप्रदेश सरकार का लक्ष्य एक साल में 50 से अधिक जीसीसी सेंटर स्थापित करना है, जिनसे लगभग 37,000 रोजगार के अवसर सृजित किए जा सकेंगे। इस पहल का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के टियर-2 शहरों जैसे भोपाल, इंदौर और ग्वालियर को ग्लोबल ऑपरेशनल सेंटर (GOC) के रूप में विकसित करना है।

जीसीसी क्या है?

ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (जीसीसी) एक ऐसा केंद्र होता है जिसे कंपनियां अपने वैश्विक संचालन के लिए स्थापित करती हैं। इन केंद्रों में विभिन्न प्रकार की सेवाएं जैसे रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D), आईटी सर्विसेज, इंजीनियरिंग, बीपीओ (Business Process Outsourcing), डेटा एनालिटिक्स, एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) और एमएल (मशीन लर्निंग) जैसी सेवाएं प्रदान की जाती हैं। इन केंद्रों के जरिए कंपनियां अपने वैश्विक बाजार में बेहतर तरीके से अपनी सेवाएं और उत्पाद प्रदान करने में सक्षम होती हैं, साथ ही स्थानीय स्तर पर रोजगार के बड़े अवसर भी उत्पन्न होते हैं।


मध्यप्रदेश में जीसीसी पॉलिसी के लाभ:

  1. रोजगार के अवसर: मध्यप्रदेश सरकार का उद्देश्य एक साल में 50 से अधिक जीसीसी सेंटर खोलने का है, जिससे लगभग 37,000 नए रोजगार अवसर पैदा होंगे। खासतौर पर, इस पॉलिसी के माध्यम से प्रदेश में युवाओं को रोजगार मिलेगा, जो वर्तमान में विभिन्न क्षेत्रों में बेरोजगार हैं। प्रदेश में करीब 26 लाख बेरोजगार लोग हैं, और जीसीसी इनकी नौकरी की संभावनाओं को बढ़ावा देगा।
  2. आर्थिक विकास और जीएसडीपी में वृद्धि: जीसीसी पॉलिसी का एक बड़ा फायदा यह होगा कि इससे प्रदेश के सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। आईटी और आईटी-इनेबल्ड सेवाओं, साथ ही इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम डिजाइन और मैन्युफैक्चरिंग (ESDM) क्षेत्रों में वृद्धि के साथ, मध्यप्रदेश के लिए नई निवेश संभावनाएं उत्पन्न होंगी। अनुमान है कि इस नीति के लागू होने के बाद राज्य के जीएसडीपी में 12-15% सालाना वृद्धि हो सकती है।
  3. आईटी क्षेत्र में गति: मध्यप्रदेश का आईटी सेक्टर तेजी से विकसित हो रहा है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, पिछले तीन वर्षों में आईटी उत्पादों के निर्यात में तीन गुना बढ़ोतरी हुई है। इसके अलावा, अगले 5 वर्षों में जीसीसी क्षेत्र में तेजी से वृद्धि होने की संभावना है। इस प्रकार, आईटी कंपनियों को आकर्षित करने के लिए जीसीसी पॉलिसी एक प्रभावी कदम साबित हो सकता है।

राज्य सरकार की आकर्षक प्रोत्साहन नीति:

मध्यप्रदेश सरकार ने कंपनियों को आकर्षित करने के लिए जीसीसी पॉलिसी में कई प्रकार के प्रोत्साहन दिए हैं:

  • प्रोत्साहन की राशि: कंपनियों को पूंजी निवेश पर 40% तक की सब्सिडी मिलेगी, जिससे उन्हें राज्य में निवेश करने के लिए प्रेरित किया जा सके। इस सब्सिडी की अधिकतम सीमा 30 करोड़ रुपये तक रखी गई है।
  • निवेश और रोजगार की शर्तें:
    • लेवल वन जीसीसी: कम से कम 15 करोड़ रुपये का निवेश और 100 से अधिक लोगों को रोजगार देने की शर्त।
    • एडवांस्ड जीसीसी: कम से कम 50 करोड़ रुपये का निवेश और 250 से अधिक लोगों को रोजगार देने की शर्त।

आकर्षण का कारण:

  1. कंपनियों की रुचि: मध्यप्रदेश सरकार ने कई प्रमुख बहुराष्ट्रीय कंपनियों, जैसे माइक्रोसॉफ्ट, अमेजन और वॉलमार्ट, के साथ संपर्क स्थापित किया है। इन कंपनियों को लागत घटाने और कुशल कर्मचारियों की तलाश में जीसीसी स्थापित करने के लिए राज्य में निवेश के लिए आकर्षित किया जा रहा है।
  2. सस्ती लागत और बेहतर जीवनयापन: मध्यप्रदेश को Ease of Doing Business Ranking 2023 में देश में चौथा स्थान प्राप्त हुआ है, जो इसे एक आकर्षक निवेश गंतव्य बनाता है। यहां व्यापार संचालन की लागत देश के मेट्रो शहरों के मुकाबले आधी से भी कम है, जबकि लाभ दोगुना हो सकता है। भोपाल और इंदौर जैसे शहरों में जीवनयापन की लागत भी कम है, जो इन्हें निवेशकों के लिए एक बेहतरीन विकल्प बनाता है।

संभावित सेक्टर और तकनीकी विकास:

जीसीसी पॉलिसी के तहत, कई उच्च तकनीकी क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा, जैसे:

  • आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI)
  • मशीन लर्निंग (ML)
  • साइबर सुरक्षा
  • डेटा एनालिटिक्स
  • इंजीनियरिंग
  • सेमीकंडक्टर चिप्स और इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादों का निर्माण

इन क्षेत्रों में विकास के साथ, राज्य की स्किल्ड मैनपावर को घरेलू और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोजगार के अधिक अवसर मिलेंगे।


मध्यप्रदेश की जीसीसी पॉलिसी एक दूरदर्शी पहल है, जो राज्य को वैश्विक आईटी और तकनीकी सेवाओं के केंद्र के रूप में स्थापित करने में मदद करेगी। इस नीति से न केवल प्रदेश में रोजगार के अवसर उत्पन्न होंगे, बल्कि इसके द्वारा प्रदेश की अर्थव्यवस्था में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया जाएगा। आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे क्षेत्रों में बढ़ती वैश्विक मांग को देखते हुए, मध्यप्रदेश इस अवसर का लाभ उठाने के लिए पूरी तरह तैयार है।

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