
ग्वालियर के बंशीपुरा मुरार क्षेत्र में रविवार रात एक सूदखोर की गोली मारकर हत्या कर दी गई। बदमाशों ने उसे बातचीत के बहाने बाहर बुलाया और सिर में चार गोलियां दाग दीं, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी हथियार लहराते हुए फरार हो गए। इस घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया।
घटना का विवरण
मृतक दिनेश श्रीवास (40) मूल रूप से भिंड जिले के गोरमी का रहने वाला था। तीन साल पहले वह ग्वालियर आया और उपनगर मुरार के बंशीपुरा हाथीखाना में किराए पर रहने लगा। उसने ब्याज पर पैसे देने का व्यवसाय शुरू किया और इसी से उसकी अच्छी कमाई होने लगी। हाल ही में उसने ग्वालियर के डीडी नगर में अपना खुद का मकान भी बनवाया था।
रविवार को दिनेश का पूरा परिवार एक शादी समारोह में शामिल होने गया था। दिनेश खुद भी रात 10 बजे के बाद वहां जाने वाला था, लेकिन तभी तीन युवक उसके ऑफिस पहुंचे। उन्होंने दिनेश को बातचीत के लिए बाहर बुलाया। जैसे ही वह बाहर आया, आरोपियों ने उस पर गोली चला दी। एक गोली लगने के बाद वह सड़क की तरफ भागा लेकिन वहीं गिर पड़ा। इसके बाद हमलावरों ने उसके सिर में तीन और गोलियां मारीं और मौके से फरार हो गए।
हत्या के बाद मची अफरा-तफरी
फायरिंग की आवाज सुनते ही आसपास के लोग डरकर अपनी दुकानों को बंद कर भाग गए। घटना स्थल पर भारी भीड़ जमा हो गई, लेकिन किसी ने भी प्रत्यक्ष रूप से कुछ भी देखने या बताने से इनकार कर दिया। पुलिस और मृतक के परिजन तुरंत मौके पर पहुंचे। रात 11.15 बजे एसपी ग्वालियर धर्मवीर सिंह भी घटनास्थल पर पहुंचे। मौके पर लगे सीसीटीवी कैमरे से सुराग मिलने की संभावना थी, लेकिन मकान मालिक ने बताया कि कैमरा बंद पड़ा है।

आरोपियों की तलाश में पुलिस
पुलिस का मानना है कि हत्या ब्याज के लेनदेन को लेकर की गई है। पुलिस को गुप्त सूचना के आधार पर दो संदिग्ध आरोपियों के नाम मिले हैं—प्रमोद उर्फ भूरा चौहान और देवेन्द्र उर्फ लल्लू किरार। यह दोनों पहले भी आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहे हैं। दस साल पहले इसी क्षेत्र में पूर्व पार्षद अब्दुल नसीम की हत्या भी की गई थी, जिससे इस घटना के तार जोड़े जा रहे हैं। पुलिस ने आरोपियों की तलाश तेज कर दी है।
कर्मचारी की गैरमौजूदगी में हुई वारदात
दिनेश के ऑफिस में राहुल किरार नामक युवक काम करता था, जो ब्याज के लेनदेन का हिसाब रखता था। हत्या से कुछ ही देर पहले राहुल शादी में जाने के लिए ऑफिस से निकला था। उसके जाते ही हमलावर वहां पहुंच गए और वारदात को अंजाम दिया।
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
दिनेश के तीन बेटे—रिपुदमन, हिमांशु और प्रियांशु हैं। घटना की खबर मिलते ही बड़ा बेटा रिपुदमन और उसके मामा मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक पुलिस शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज चुकी थी। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और वे आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं।
इस निर्मम हत्या ने पूरे ग्वालियर को दहला दिया है। पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी है और इस घटना को सुलझाने के लिए संभावित सभी सुरागों पर काम कर रही है। व्यापारियों और स्थानीय लोगों में डर का माहौल बना हुआ है और वे सुरक्षा की मांग कर रहे हैं।