मध्यप्रदेश के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल बागेश्वर धाम में रविवार रात द्वितीय हनुमान चालीसा हवन का भव्य आयोजन किया गया। कष्ट निवारण के उद्देश्य से आयोजित इस महाहवन में देश-विदेश से तीन लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने प्रत्यक्ष और ऑनलाइन माध्यम से सहभागिता की। श्रद्धा, भक्ति और आस्था से ओतप्रोत इस आयोजन ने एक बार फिर बागेश्वर धाम को आध्यात्मिक ऊर्जा का केंद्र बना दिया।
ऑनलाइन और प्रत्यक्ष रूप से उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
आयोजकों के अनुसार बागेश्वर महाराज के आधिकारिक यूट्यूब चैनल के माध्यम से 2 लाख 67 हजार से अधिक श्रद्धालु ऑनलाइन हवन से जुड़े। वहीं करीब 40 हजार भक्त बागेश्वर धाम परिसर में उपस्थित रहे और हवन कुंड में आहुतियां अर्पित कीं। इस तरह कुल मिलाकर तीन लाख से अधिक भक्तों ने एक साथ कष्ट निवारण हनुमान हवन में भाग लिया।

कष्टों से मुक्ति के संकल्प के साथ हुआ हवन
द्वितीय हनुमान चालीसा हवन घर-परिवार की बाधाओं, नकारात्मक ऊर्जा, कर्ज, बुरे सपनों और विभिन्न मानसिक व शारीरिक कष्टों से मुक्ति के संकल्प के साथ संपन्न हुआ। हवन के दौरान पंचमुखी हनुमान स्तोत्रम का विधिवत पाठ किया गया। श्रद्धालुओं ने सुख-शांति, समृद्धि, स्वास्थ्य और कर्ज मुक्ति की कामना की।

समाज के हर वर्ग की रही भागीदारी
आयोजकों ने बताया कि प्रथम हनुमान चालीसा हवन का उद्देश्य घरों में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करना था, जबकि इस द्वितीय हवन में समाज के सभी वर्गों—बच्चों, युवाओं, महिलाओं और वृद्धों—की व्यापक सहभागिता देखने को मिली। बड़ी संख्या में परिवारों ने एक साथ हवन में भाग लेकर सामूहिक साधना का अनुभव किया।

बागेश्वर महाराज बोले— ‘कम खर्चा, फुल चर्चा’
हवन के दौरान श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए बागेश्वर महाराज ने इस आयोजन को संकट और कष्ट निवारण का अभूतपूर्व उपाय बताया। उन्होंने कहा कि यह ‘कम खर्चा, फुल चर्चा’ वाला आयोजन है, जिसमें भक्ति के माध्यम से शक्ति का संचार होता है। उन्होंने कलयुग में यज्ञ और हवन के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि सामूहिक साधना से समाज में सकारात्मक परिवर्तन आता है।

12 फरवरी को होगा तृतीय हनुमान चालीसा हवन
बागेश्वर महाराज ने इस अवसर पर तृतीय हनुमान चालीसा हवन की घोषणा भी की। उन्होंने बताया कि आगामी 12 फरवरी को बागेश्वर धाम में तीसरा हनुमान चालीसा हवन आयोजित किया जाएगा। यह विशेष रूप से संन्यासी बाबा की साधना से जुड़े साधकों को समर्पित होगा।
भक्ति, आस्था और तकनीक के संगम से संपन्न यह आयोजन बागेश्वर धाम के इतिहास में एक और अध्याय जोड़ गया, जहां लाखों श्रद्धालुओं ने एक साथ हनुमान भक्ति के माध्यम से कष्टों से मुक्ति की कामना की।