दतिया शहर के अब्बास के ढाबा के सामने एक मेडिकल स्टोर संचालक ने सालभर से ज्यादा पुरानी एक्सपायरी डेट की दवाइयां खुले में फेंक दी। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। विशेषज्ञों ने इस घटना को सिर्फ जानवरों के लिए ही नहीं, बल्कि मानव स्वास्थ्य और पर्यावरण के लिए भी गंभीर खतरा बताया।
जानवरों और पालतू पशुओं के लिए खतरा
विशेषज्ञों के अनुसार, खुले में फेंकी गई दवाइयां सड़क पर घूम रहे जंगल के जानवरों और पक्षियों द्वारा खाई जा सकती हैं। इससे उनके स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ सकता है और कुछ मामलों में मृत्यु का भी खतरा है। पालतू जानवर भी इन दवाओं के संपर्क में आने से बीमार पड़ सकते हैं।

मानव स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव
एक्सपायरी दवाओं का उपयोग मनुष्यों के लिए भी खतरनाक हो सकता है। छोटे बच्चे अक्सर जमीन पर पड़ी चीजों को छूते हैं या मुंह में डाल लेते हैं। ऐसे में दवा का सेवन उल्टी, एलर्जी, पेट संबंधी समस्या या अन्य गंभीर दुष्प्रभाव पैदा कर सकता है।
पर्यावरणीय खतरे
दवाइयां बारिश या नालों में बहकर जल और मिट्टी को भी दूषित कर सकती हैं। इससे न केवल पेयजल पर असर पड़ता है बल्कि कृषि योग्य जमीन की उर्वरता और पौधों पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
प्रशासन की प्रतिक्रिया
सीएमएचओ डॉ. बीके वर्मा ने कहा कि किसी भी दवा को खुले में फेंकना गंभीर स्वास्थ्य और पर्यावरणीय जोखिम पैदा करता है और यह पूरी तरह से गलत है। उन्होंने बताया कि मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
यह घटना दतिया में दवाओं के सुरक्षित निस्तारण और पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकता को उजागर करती है और नागरिकों के लिए चेतावनी है कि एक्सपायरी दवाओं का सही निपटान अनिवार्य है।