इंदौर। परिवहन विभाग ने सोमवार को शहर में चल रही सात बसों को जब्त किया है, जिनमें तीन स्लीपर कोच बसें भी शामिल हैं। इन बसों में गंभीर खामियां पाई गई हैं और इनके परमिट जल्द ही निरस्त किए जाएंगे।
विशेष जांच अभियान तीन इमली बस स्टैंड और आसपास के क्षेत्रों में फायर सुरक्षा मानकों और आपातकालीन निकास की व्यवस्था की जांच के लिए चलाया गया। एआरटीओ अर्चना मिश्रा ने बताया कि निरीक्षण के दौरान यह पाया गया कि इन बसों में अग्नि सुरक्षा उपकरण, इमरजेंसी एग्जिट और पंजीयन के अनुसार निर्धारित बैठक क्षमता का पालन नहीं किया गया था।

उन्होंने बताया कि संबंधित स्लीपर कोच बसों के पंजीयन, फिटनेस और परमिट निरस्त करने के लिए मूल पंजीयन प्राधिकारी और संबंधित आरटीओ को पत्र भेजा जा रहा है। निरीक्षण के दौरान एक बस बिना वैध परमिट के संचालित होते पाए जाने पर उसे तत्काल जब्त कर लिया गया, जबकि एक अन्य बस का परमिट पहले ही निरस्त किया जा चुका है। इसके अलावा पंजीयन और परमिट के अनुसार निर्धारित बैठक क्षमता में भी विसंगति पाई गई।
परिवहन विभाग के अनुसार, 1 अक्टूबर 2023 के बाद पंजीकृत डीलक्स बसों में FDSS (फायर डिटेक्शन एंड सप्रेशन सिस्टम) अनिवार्य है। वहीं, डीलक्स बसों और स्कूली वाहनों में FAPS (फायर अलार्म एंड प्रोटेक्शन सिस्टम) लगाना जरूरी है। 1 अक्टूबर 2023 से पहले पंजीकृत वाहनों में निर्धारित वजन का सीजफायर, तय संख्या में इमरजेंसी एग्जिट और आपात स्थिति में कांच तोड़ने के लिए हैमर रखना अनिवार्य है।
जांच में जब्त की गई तीन स्लीपर बसों में ये सभी आवश्यक व्यवस्थाएं मौजूद नहीं थीं। परिवहन विभाग ने कहा कि सभी संबंधित बसों के पंजीयन और परमिट निरस्त करने की प्रक्रिया तुरंत शुरू कर दी गई है, ताकि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
एआरटीओ ने लोगों से अपील की कि वे बसों में फायर सुरक्षा उपकरणों और आपातकालीन निकास की जांच जरूर करें और किसी भी असुरक्षित बस का उपयोग न करें।