सागर। मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर सागर में जिला शहर कांग्रेस अध्यक्ष महेश जाटव के नेतृत्व में संविधान चौक पर धरना प्रदर्शन किया गया। धरने में बड़ी संख्या में कांग्रेसजन शामिल हुए और प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। धरने के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विधायक बंगले का घेराव करने का प्रयास किया, लेकिन भारी पुलिस बल ने बैरिकेड लगाकर उन्हें बीच रास्ते में रोक लिया, जिससे पुलिस और कांग्रेसियों के बीच हल्की नोकझोंक भी हुई।

धरने को संबोधित करते हुए जिला शहर कांग्रेस अध्यक्ष महेश जाटव ने भागीरथपुरा की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि वहां अब तक करीब डेढ़ दर्जन लोगों की मौत हो चुकी है, 2500 से 3000 लोग बीमार हैं और लगभग 150 लोग आईसीयू में भर्ती हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जिस क्षेत्र में यह गंभीर घटना हुई, वहां के पार्षद, मेयर और मंत्री को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए पद से हट जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि भाजपा की नजर में निर्दोष लोगों की कोई कीमत नहीं है, लोग मौत के काल में समा रहे हैं और सरकार संवेदनहीन बनी हुई है।

महेश जाटव ने मंत्री कैलाश विजयवर्गीय पर भी तीखा हमला करते हुए कहा कि जब पत्रकारों ने उनसे इस मुद्दे पर सवाल किए तो उन्होंने पत्रकार से आपत्तिजनक और अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया, जो बेहद शर्मनाक है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जिस क्षेत्र में इतनी गंभीर स्थिति बनी हुई है, उसी क्षेत्र में भाजपा कार्यकर्ता जश्न और डांस कर रहे हैं। वहीं, घटना की जानकारी लेने पहुंचे कांग्रेस के पांच सदस्यीय दल के साथ भी अभद्रता की गई।
उन्होंने कहा कि सागर शहर में भी वर्षों पुरानी पानी की टंकियां खाली नहीं हुई थीं। इंदौर की घटना के बाद नगर निगम द्वारा सफाई की जा रही है, जिसमें भारी मात्रा में गंदगी निकल रही है। यदि समय रहते सफाई नहीं होती तो सागर में भी इसी तरह की स्थिति बन सकती थी।

महेश जाटव ने सागर के विधायक और महापौर पर आरोप लगाते हुए कहा कि वे अलग-अलग स्थानों पर सिर्फ अपने कैमरामैन के साथ फोटो खिंचवाने में लगे रहते हैं, जनता से उनका कोई सरोकार नहीं है। उन्होंने कहा कि राशन दुकानों और मध्यान्ह भोजन व्यवस्था में भी उनके समर्थकों का दबदबा है, जबकि आम जनता की कोई सुनवाई नहीं हो रही। शहर में अपराध बढ़ रहे हैं, सड़कों पर चाकूबाजी हो रही है, भ्रष्टाचार कम नहीं हो रहा, बेरोजगारी बढ़ रही है और युवा पलायन को मजबूर हैं, लेकिन विधायक एक्शन मोड में नहीं हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि कर्मचारियों को समय पर वेतन नहीं मिल रहा, जिससे उनके परिवार कर्ज के बोझ तले दबते जा रहे हैं और दूसरी ओर सरकार स्मार्ट सिटी की बातें कर रही है। धरने के बाद जब कांग्रेसजन घंटा बजाते हुए विधायक बंगले के घेराव के लिए आगे बढ़े तो पुलिस ने बैरिकेड लगाकर रास्ता रोक दिया। इस दौरान कांग्रेसियों ने नारे लगाए— “मोहन सरकार जब-जब डरती है, पुलिस को आगे करती है।”
धरने को पूर्व सांसद आनंद अहिरवार, पूर्व मंत्री सुरेंद्र चौधरी, पूर्व विधायक सुनील जैन, मुकुल पुरोहित, अमित रामजी दुबे, शरद पुरोहित, सिंटू कटारे, संदीप चौधरी, सुरेंद्र चौबे, रामकुमार पचौरी, शैलेंद्र तोमर, अवधेश तोमर, हीरालाल चौधरी, विजय साहू, राहुल चौबे, सागर साहू, चक्रेश रोहित, वसीम खान, रेखा सोनी, मीना पटेल, आनंद हैला, सीमा कमल चौधरी, किरणलता सोनी, रेखा अहिरवार, शारदा चौधरी सहित कई वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं ने संबोधित किया।
कार्यक्रम का संचालन जितेंद्र चौधरी ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन कमलेश तिवारी ने माना। धरना प्रदर्शन में प्रदीप गुप्ता, चैतन्य कृष्ण पांडे, जितेंद्र रोहण, राकेश राय, निधि जैन, अक्षत कोठारी, ब्लॉक अध्यक्ष नरेंद्र मिश्रा, वीरेंद्र राजे, शिवशंकर गुड्डू यादव, रोशनी वसीम खान, मुन्ना बुंदेला, मुन्ना प्रजापति, उमेश ठेकेदार, चमन अंसारी, फिरदौस कुरैशी, दिनदयाल तिवारी, दिनेश पटैरिया, शिवनारायण सोनी सहित बड़ी संख्या में कांग्रेसजन उपस्थित रहे।
कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जनहित के मुद्दों पर गंभीरता नहीं दिखाई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।