सागर। सागर शहर की पेयजल व्यवस्था की स्थिति जानने और आगामी महीनों के लिए जल आपूर्ति को सुचारु बनाए रखने के उद्देश्य से संभाग आयुक्त अनिल सुचारी ने राजघाट बांध पहुंचकर विस्तृत निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने पेयजल सप्लाई के लिए एकत्र किए जाने वाले रॉ वॉटर, इनटेक वेल, पंपहाउस और जल शोधन संयंत्र का जायजा लिया तथा एमपीयूडीसी और नगर पालिक निगम के अधिकारियों से विस्तृत जानकारी प्राप्त की।
राजघाट बांध की जल संग्रहण क्षमता की ली जानकारी
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने संभाग आयुक्त को अवगत कराया कि लगभग 1800 हेक्टेयर डूब क्षेत्र वाले राजघाट बांध में फुल टैंक लेवल की स्थिति में करीब 62 मिलियन घन मीटर पानी का संग्रहण होता है।
इसी बांध से सागर शहर की संपूर्ण पेयजल आपूर्ति की जाती है। अधिकारियों ने बताया कि राजघाट बांध पर स्थापित जल शोधन संयंत्र से प्रतिदिन लगभग 70 मिलियन लीटर शुद्ध पेयजल का उत्पादन कर शहर को सप्लाई किया जा रहा है।

जल शोधन संयंत्र की कार्यप्रणाली का किया निरीक्षण
संभाग आयुक्त अनिल सुचारी ने जल शोधन संयंत्र परिसर में पहुंचकर एलम डोजिंग टैंक, लाइम डोजिंग टैंक, क्लोरिनेशन चेंबर और वॉटर टेस्टिंग लेबोरेटरी का गहन निरीक्षण किया।
उन्होंने शुद्धिकरण प्रक्रिया के दौरान पानी में मिलाए जाने वाले एलम, लाइम एवं अन्य केमिकल्स की मात्रा, प्रक्रिया और नियमितता के बारे में इंजीनियरों से विस्तार से जानकारी ली।
संभाग आयुक्त ने यह भी देखा कि जल शोधन की प्रत्येक प्रक्रिया शासन द्वारा निर्धारित मानकों के अनुरूप की जा रही है या नहीं।
वॉटर टेस्टिंग लैब में उपकरणों और केमिकल्स की जांच
निरीक्षण के दौरान संभाग आयुक्त ने वॉटर टेस्टिंग लैब में मौजूद उपकरणों, मशीनों और आवश्यक केमिकल्स की उपलब्धता की जानकारी ली। उन्होंने लैब असिस्टेंट से यहां किए जाने वाले सभी परीक्षणों की विस्तृत जानकारी प्राप्त की।
संभागीय आयुक्त ने रॉ वॉटर की टर्बिडिटी सहित कुल 12 प्रकार के परीक्षणों की रिपोर्ट का अवलोकन किया और निर्देश दिए कि शासन की गाइडलाइन के अनुसार सभी अनिवार्य टेस्ट नियमित रूप से किए जाएं तथा उनकी रिपोर्ट का संधारण व्यवस्थित ढंग से किया जाए।

स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल में कोताही नहीं
संभाग आयुक्त अनिल सुचारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि नागरिकों तक स्वच्छ, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण पेयजल पहुंचाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने निर्देश दिए कि:
- शहर में सप्लाई की जा रही मुख्य लाइनों और घरों तक पहुंचने वाले पानी की निरंतर गुणवत्ता जांच की जाए
- प्रतिदिन कम से कम 50 स्थानों पर जाकर पेयजल के नमूने लिए जाएं
- किसी भी प्रकार की गड़बड़ी सामने आने पर तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई की जाए
सीवर और पेयजल लाइनों को लेकर दिए सख्त निर्देश
संभाग आयुक्त ने शहर में सीवर लाइन और पेयजल सप्लाई लाइन की स्थिति पर भी विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि:
- कहीं भी सीवर लाइन पेयजल लाइन के ऊपर से नहीं गुजरनी चाहिए
- जहां सीवर और पेयजल लाइनें आपस में क्रॉस हो रही हैं या बहुत नजदीक हैं, वहां तत्काल जांच कर सुधार किया जाए
- खुली नालियों या नालों से गुजर रही पेयजल पाइप लाइनों को क्रमशः हटाया जाए
- असुरक्षित और पुरानी पाइप लाइनों को पूरी तरह बंद कर नई और सुरक्षित लाइनों से बदला जाए
संभाग आयुक्त का यह निरीक्षण शहर की पेयजल व्यवस्था को और अधिक मजबूत, सुरक्षित एवं पारदर्शी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे आने वाले समय में सागरवासियों को स्वच्छ और निर्बाध पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।