सागर। कलेक्टर श्री संदीप जी आर ने मंगलवार को केसली स्थित शासकीय जूनियर अनुसूचित जनजाति बालक छात्रावास का आकस्मिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने छात्रावास की सभी व्यवस्थाओं का बारीकी से अवलोकन किया और बच्चों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने हेतु कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए।
साफ-सफाई, भोजन और पेयजल व्यवस्था की ली विस्तृत जानकारी
कलेक्टर ने छात्रावास परिसर में साफ-सफाई, भोजन की गुणवत्ता, पेयजल उपलब्धता, बिजली–प्रकाश की स्थिति, शौचालयों की स्वच्छता सहित सभी आवश्यक सुविधाओं का मौके पर निरीक्षण किया।
उन्होंने छात्रावास के कमरों, रसोईघर, मेस और परिसर की स्थिति को देखा तथा सुधार योग्य बिंदुओं पर संबंधित अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान एसडीएम श्री मुनव्वर खान और जनपद पंचायत केसली की मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती प्रतिष्ठा जैन सहित कई अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
अधिकारियों को सख्त निर्देश — बच्चों के साथ बैठकर सप्ताह में एक बार भोजन करें
कलेक्टर ने निर्देशित किया कि छात्रावास में बच्चों को गुणवत्ता युक्त, पौष्टिक एवं ताजा भोजन ही उपलब्ध कराया जाए।
उन्होंने कहा कि—

- संबंधित अधिकारी सप्ताह में कम से कम एक बार छात्रावास में उपस्थित होकर बच्चों के साथ भोजन करें।
- स्वयं भोजन की गुणवत्ता की जांच करें और कमियों को तुरंत सुधारें।
इसके साथ ही उन्होंने रसोईघर में साफ-सफाई, गैस सिलेंडर की सुरक्षा और भोजन बनाने के मानकों पर भी विशेष ध्यान देने को कहा।
प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए संसाधन उपलब्ध कराने के निर्देश
कलेक्टर ने छात्रावास के विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य को ध्यान में रखते हुए निर्देश दिए कि—
- नीट, यूपीएससी, एसएससी, पुलिस भर्ती तथा अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी हेतु आवश्यक पुस्तकें उपलब्ध कराई जाएं।
- पुरानी परीक्षाओं के प्रश्न-पत्र और अध्ययन सामग्री भी छात्रों को दी जाए।
- जिले में पदस्थ डॉक्टर, इंजीनियर, आईएएस, आईपीएस सहित अन्य अधिकारी समय–समय पर छात्रावास में आकर बच्चों को मार्गदर्शन दें।

उन्होंने कहा कि सफल व्यक्तियों का मार्गदर्शन बच्चों के भविष्य निर्माण में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
पौष्टिक भोजन के लिए ‘किचन गार्डन’ बनाने के निर्देश
कलेक्टर संदीप जी आर ने छात्रावास परिसर में किचन गार्डन विकसित करने पर जोर दिया।
उन्होंने बताया कि छात्रावास के बच्चों की मदद से पौष्टिक सब्जियों का उत्पादन किया जाए, जैसे—
- पालक
- लौकी
- मुनगा
- धनिया
- गिल्की

उन्होंने कहा कि इन सब्जियों का उपयोग करके बच्चों को ज्यादा पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जा सकता है।
बच्चों के लिए रंगीन रोटी की व्यवस्था भी की जाएगी
कलेक्टर ने निर्देश दिए कि बच्चों को भोजन में विविधता लाने के लिए चुकंदर और पालक से तैयार की गई रंगीन रोटी भी उपलब्ध कराई जाए।
यह बच्चों के भोजन में पोषण और रुचि दोनों को बढ़ाएगी।

छात्रावास की रंगाई–पुताई और कीट/मच्छररोधी छिड़काव के निर्देश
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने छात्रावास की रंगाई–पुताई करवाने, परिसर की नियमित सफाई करने और मच्छरों तथा कीटों से बचाव हेतु दवा के छिड़काव के निर्देश भी दिए।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि छात्रावास में स्वास्थ्य सुरक्षा सर्वोपरि है और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।