सागर। टैगोर स्कूल सागर में विकासखंड स्तरीय विज्ञान, गणित, पर्यावरण एवं सामाजिक विज्ञान प्रदर्शनी का भव्य आयोजन किया गया। सागर ब्लॉक के विभिन्न शासकीय माध्यमिक विद्यालयों से आए छात्र–छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया।
छात्रों की नवाचारी सोच ने चकित किए निर्णायक मंडल
इस प्रदर्शनी में बच्चों ने
- नवाचारी मॉडल
- समस्या समाधान आधारित योजनाएँ
- उभरती प्रौद्योगिकी से जुड़े प्रोजेक्ट
- मनोरंजक गणित
- विज्ञान एवं पर्यावरण संबंधी मॉडल
- सामाजिक विज्ञान आधारित प्रदर्शन
के साथ–साथ अपनी रचनात्मकता, तार्किक क्षमता और प्रायोगिक ज्ञान का बेहतरीन प्रदर्शन किया।

छात्रों द्वारा प्रस्तुत स्वरचित गीत, स्थानीय/लोकगीत, लघुनाटिकाएँ, और सेमिनार प्रस्तुति इतनी प्रभावशाली रहीं कि निर्णायक मंडल सहित सभी दर्शक आश्चर्यचकित रह गए।
चार विधाओं में दमदार भागीदारी
प्रदर्शनी में छात्रों ने चार प्रमुख विधाओं में बढ़–चढ़कर भाग लिया—
- एकल स्वरचित गीत / स्थानीय गीत / लोकगीत
- सेमिनार प्रस्तुति
- लघु नाटिका
- मॉडल प्रस्तुति
(मनोरंजक गणित, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान, पर्यावरण, एवं उभरती प्रौद्योगिकी)
हर विधा में विद्यार्थियों ने अपने ज्ञान और दक्षता का उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए भविष्य की असीम संभावनाएँ दिखाईं।

निर्णायक मंडल का गठन
निर्णायक मंडल में—
- टैगोर विद्यालय की प्राचार्य
- आर्मी विद्यालय से मोहित
- नंदेश
सम्मिलित रहे, जिन्होंने सभी प्रस्तुतियों का सूक्ष्म मूल्यांकन किया।
निर्णायकों ने कहा कि “सरकारी विद्यालयों के बच्चों की प्रतिभा किसी भी बड़े प्लेटफ़ॉर्म के छात्रों से कम नहीं है। यहाँ बच्चों ने जिस तरह नवाचार और प्रायोगिक ज्ञान का प्रदर्शन किया, वह अत्यंत सराहनीय है।”

मुख्य अतिथियों ने बढ़ाया छात्रों का उत्साह
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे—
- बीआरसीसी श्री अनिरुद्ध डिम्हा
- विज्ञान प्रदर्शनी प्रभारी बीएससी श्री राघवेंद्र सिंह राजपूत
- बीएससी सुनीता मिश्रा
इनके साथ विकासखंड के सभी सहभागी माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षक–शिक्षिकाओं ने प्रदर्शनी की शोभा बढ़ाई।
मुख्य अतिथि श्री डिम्हा ने कहा—
“ऐसी प्रदर्शनियाँ बच्चों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, विश्लेषणात्मक सोच और अनुसंधान क्षमता विकसित करती हैं। आने वाले समय में ये बच्चे ही देश के वैज्ञानिक, इंजीनियर और नवाचारकर्ता बनेंगे।”

मंच संचालन
कार्यक्रम का सुचारू मंच संचालन प्राचार्य श्री वीरेंद्र पटेल (सरस्वती शिशु मंदिर, लक्ष्मीपुरा) द्वारा किया गया। उनकी संयमित और सटीक प्रस्तुति ने पूरे आयोजन को संगठित और आकर्षक बनाए रखा।
सरकारी विद्यालयों के बच्चों की शानदार प्रतिभागिता
प्रदर्शनी में बच्चों की सक्रियता उल्लेखनीय रही।
- मॉडल प्रस्तुत करने वाले समूहों की संख्या पिछले वर्षों की तुलना में अधिक रही।
- अधिकांश प्रोजेक्ट्स में स्थानीय समस्याओं के समाधान सुझाए गए।
- पर्यावरण संरक्षण, नवीकरणीय ऊर्जा, वर्षा जल संचयन, प्रदूषण नियंत्रण, डिजिटल शिक्षा, और स्वास्थ्य–स्वच्छता जैसे विषयों पर प्रभावशाली मॉडल प्रस्तुत किए गए।

भविष्य के लिए नई उम्मीदें
इस प्रदर्शनी ने यह सिद्ध कर दिया कि ग्रामीण और सरकारी विद्यालयों के छात्र भी उच्च स्तरीय वैज्ञानिक सोच रखते हैं।
कार्यक्रम ने बच्चों को टीमवर्क, नवाचार, प्रस्तुति कौशल और व्यवहारिक शिक्षा की नई दिशा दी है।