मध्यप्रदेश में रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व के डिप्टी डायरेक्टर बदले !

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भोपाल/सागर।
मध्यप्रदेश सरकार ने वन विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए कई IFS अधिकारियों के तबादले कर दिए हैं। इसी क्रम में प्रदेश के सबसे बड़े रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व के डिप्टी डायरेक्टर (DFO) डॉ. ए.ए. अंसारी का तबादला कर दिया गया है।
चीता प्रोजेक्ट के अहम चरण के बीच यह बदलाव वन विभाग में चर्चा का विषय बना हुआ है।


रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व की कमान अब रजनीश कुमार के हाथ

डॉ. अंसारी की जगह अब 2017 बैच के आईएफएस अधिकारी रजनीश कुमार को रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व का नया डिप्टी डायरेक्टर नियुक्त किया गया है।
वे वर्तमान में पेंच टाइगर रिजर्व (सिवनी) में उप संचालक के रूप में सेवाएं दे रहे थे।

वहीं डॉ. ए.ए. अंसारी को सागर से कार्य आयोजना इकाई सिवनी में वन मंडलाधिकारी के रूप में पदस्थ किया गया है।


चीता प्रोजेक्ट के बीच तबादला

रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व में इन दिनों चीता प्रोजेक्ट की तैयारियां ज़ोरों पर हैं।
डॉ. अंसारी के कार्यकाल में—

  • चीतों के शिफ्टिंग की प्लानिंग
  • रिजर्व के इन्फ्रास्ट्रक्चर का विकास
  • संरक्षण से जुड़े कई महत्वपूर्ण कार्य
    तेजी से आगे बढ़े।

विशेष रूप से, जुलाई 2026 में प्रस्तावित चीता आमद को लेकर तैयार योजना पूरी तरह उनके नेतृत्व में विकसित की गई थी।

अब यह जिम्मेदारी आईएफएस रजनीश कुमार के पास होगी। वन्यजीव संरक्षण में उनके अनुभव को देखते हुए उम्मीद की जा रही है कि टाइगर रिजर्व को नई दिशा मिलेगी।


चीता का तीसरा घर बनेगा रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व

सरकार की योजना के अनुसार, रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व को भारत में चीतों का तीसरा घर बनाने की तैयारी चल रही है।

इसके तहत—

  • 8 बोमा तैयार किए जा रहे हैं
    • 4 क्वारैंटाइन बोमा (50–50 हेक्टेयर)
    • 4 सॉफ्ट रिलीज बोमा (100–100 हेक्टेयर)

इन बोमा में चीतों को चरणबद्ध तरीके से रखा और प्राकृतिक परिस्थितियों में अभ्यस्त किया जाएगा। प्रोजेक्ट के लिए बजट पहले ही स्वीकृत किया जा चुका है।


शुरुआत में 2 जोड़े चीते लाए जाएंगे

टाइगर रिजर्व में शुरुआती चरण में 2 जोड़े (नर–मादा) चीते लाने की तैयारी है।
इन चीतों की सुरक्षा, स्वास्थ्य निगरानी और उनके अनुकूलन के लिए विशेषज्ञों की टीम भी तैनात की जा रही है।


वन विभाग में चर्चा तेज

चीता प्रोजेक्ट के महत्वपूर्ण समय में डिप्टी डायरेक्टर बदलने से विभाग में कई सवाल उठ रहे हैं। हालांकि अधिकारी वर्ग का कहना है कि यह नियमित प्रशासनिक प्रक्रिया है और नए अधिकारी के नेतृत्व में प्रोजेक्ट और गति पकड़ सकता है।

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