जीवाजी विश्वविद्यालय परिसर में निगम टीम और सुरक्षा कर्मियों के बीच टकराव, गर्ल्स हॉस्टल निर्माण सामग्री जब्त !

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ग्वालियर: जीवाजी विश्वविद्यालय परिसर में बुधवार को नगर निगम की अतिक्रमण/निर्माण टीम और विश्वविद्यालय सुरक्षा कर्मियों के बीच हंगामा हो गया। यह विवाद गर्ल्स हॉस्टल के निर्माण स्थल पर निगम टीम द्वारा निर्माण सामग्री जब्त करने के बाद शुरू हुआ। निर्माण सामग्री जब्त करने के बाद जब निगम की टीम परिसर से बाहर जा रही थी, तब विश्वविद्यालय के मुख्य गेट पर सुरक्षा कर्मियों ने जंजीर डालकर ताला बंद कर दिया, जिससे टीम परिसर के भीतर फंस गई।


विवाद की शुरुआत

जानकारी के अनुसार, विश्वविद्यालय परिसर में गर्ल्स हॉस्टल का निर्माण कार्य चल रहा था। नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि इस निर्माण के लिए निगम से कोई अनुमति नहीं ली गई थी। इसके बावजूद कई बार नोटिस देने के बाद भी विश्वविद्यालय प्रशासन ने अनुमति नहीं ली, जिसे निगम ने अवैध निर्माण माना।

इस पर निगम की मदाखलत टीम मौके पर पहुंची और निर्माण सामग्री जब्त कर गाड़ी में भर ली।


गेट पर ताला और कार्रवाई

  • जब निगम की टीम जब्त सामग्री लेकर बाहर निकल रही थी, मुख्य गेट पर ताला लगा दिया गया, जिससे टीम फंस गई।
  • निगम की टीम ने ताला खुलवाने की कई कोशिशें की, लेकिन गेट नहीं खोला गया।
  • इसके बाद अतिरिक्त आयुक्त प्रतीक राव मौके पर पहुंचे और विश्वविद्यालय के बाहर अपनी गाड़ी में स्थिति पर नजर रखी।
  • काफी देर तक गेट नहीं खुलने पर निगम की टीम ने हथौड़े से ताला तोड़कर अपनी गाड़ी बाहर निकाली और जब्त किया गया सामान ले गई।

इस दौरान विश्वविद्यालय के जनसंपर्क अधिकारी विमलेंद्र राठौर भी मौके पर मौजूद थे।


पक्षों के बयान

  • विश्वविद्यालय पीआरओ विमलेंद्र राठौर:
    उन्होंने बताया कि निगम की टीम केवल कुछ निर्माण सामग्री लेकर जा रही थी। सुरक्षा कर्मियों ने गेट बंद किया। निर्माण की अनुमति की फाइल देखने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी क्योंकि निर्माण कार्य अभी प्रारंभिक स्तर पर चल रहा है।
  • नगर निगम के अतिरिक्त आयुक्त प्रतीक राव:
    उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय द्वारा निर्माण कार्य के लिए निगम से अनुमति नहीं ली गई थी, इसलिए कार्रवाई की गई। ताला तोड़ने के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि निगम की टीम ने केवल अपनी गाड़ी बाहर निकाली है।

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