इंदौर मेट्रो को अपेक्षित यात्री नहीं मिलने के कारण मेट्रो रेल कॉरपोरेशन ने बड़ा निर्णय लिया है। रविवार 11 जनवरी से मेट्रो ट्रेन का नियमित संचालन केवल एक फेरे तक सीमित कर दिया गया है। शेष समय में मेट्रो का उपयोग गांधी नगर से मालवीय नगर तक ट्रायल रन और तकनीकी परीक्षण के लिए किया जाएगा। मेट्रो प्रबंधन का यह फैसला भविष्य में पूरे प्राथमिकता कॉरिडोर पर पूर्ण संचालन की तैयारियों को गति देने के उद्देश्य से लिया गया है।
गौरतलब है कि इंदौर मेट्रो का आम नागरिकों के लिए परिचालन 31 मई 2025 से शुरू हुआ था। फिलहाल मेट्रो केवल 5 स्टेशनों के बीच करीब 6 किलोमीटर की दूरी पर संचालित हो रही है, लेकिन यात्रियों की संख्या उम्मीद से काफी कम बनी हुई है।
मार्च 2026 से 16 स्टेशनों पर पूर्ण संचालन की तैयारी
मेट्रो रेल कॉरपोरेशन गांधी नगर से मालवीय नगर तक कुल 16 मेट्रो स्टेशनों के बीच मार्च 2026 से पूर्ण संचालन की तैयारी कर रहा है। इसी क्रम में मार्च माह में मेट्रो रेल सुरक्षा आयुक्त (CMRS) द्वारा सुपर कॉरिडोर के एससी-3 स्टेशन से रेडिसन चौराहे तक ट्रैक का सुरक्षा परीक्षण भी शुरू किया जाएगा।

तेजी से चल रहा निर्माण और कमीशनिंग कार्य
मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के प्रबंध निदेशक एस. कृष्ण चैतन्य ने बताया कि गांधी नगर से मालवीय नगर तक सभी 16 स्टेशनों पर निर्माण कार्य पूरा करने के लक्ष्य से परीक्षण और कमीशनिंग का काम तेज गति से किया जा रहा है। एकीकृत परीक्षण और कमीशनिंग प्रक्रिया अब अंतिम चरण में पहुंच चुकी है।
उन्होंने बताया कि प्राथमिकता कॉरिडोर के अंतर्गत मालवीय नगर चौराहा मेट्रो स्टेशन तक ट्रायल रन सफलतापूर्वक किए जा रहे हैं। आने वाले समय में पूरे प्राथमिकता कॉरिडोर पर व्यापक स्तर पर परीक्षण किया जाएगा, ताकि आम जनता के लिए जल्द से जल्द पूर्ण मेट्रो सेवा शुरू की जा सके।
अब सिर्फ 25 मिनट का होगा मेट्रो संचालन
मेट्रो प्रबंधन के अनुसार, सुपर प्रायोरिटी कॉरिडोर के तहत संशोधित परिचालन समय-सारणी 11 जनवरी से लागू होगी। इसके तहत मेट्रो का संचालन अब केवल एक फेरे में किया जाएगा और कुल परिचालन समय मात्र 25 मिनट का रहेगा।
संशोधित समय-सारणी के अनुसार—
- गांधी नगर स्टेशन से मेट्रो रवाना होगी: दोपहर 3 बजे
- सुपर कॉरिडोर-03 स्टेशन पहुंचेगी: दोपहर 3:25 बजे
भविष्य की तैयारी पर फोकस
मेट्रो प्रबंधन का कहना है कि यह अस्थायी व्यवस्था है और इसका उद्देश्य यात्रियों को असुविधा पहुंचाना नहीं, बल्कि पूरे प्राथमिकता कॉरिडोर पर सुरक्षित, सुचारु और व्यापक मेट्रो सेवा जल्द शुरू करना है। मार्च 2026 के बाद इंदौरवासियों को शहर के बड़े हिस्से में मेट्रो कनेक्टिविटी मिलने की उम्मीद है।