सागर। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने लोक निर्माण विभाग के नवाचारों, डिजिटल पहल और अभियंताओं की क्षमता निर्माण पर केंद्रित राज्य स्तरीय कार्यक्रम-सह-प्रशिक्षण सत्र का रविंद्र भवन में दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विभाग के कैपेसिटी बिल्डिंग फ्रेमवर्क दस्तावेज और पिछले दो वर्षों में किए गए नवाचारों एवं सुधारात्मक प्रयासों पर आधारित पुस्तिका का विमोचन भी किया।
कार्यक्रम में डिजिटल समाधान, गुणवत्ता नियंत्रण, पर्यावरण संरक्षण, नई निर्माण तकनीक और आधुनिक प्रबंधन प्रणालियों पर आधारित लघु फिल्में दिखाई गईं। मुख्यमंत्री ने कहा कि लोक निर्माण विभाग का प्रमुख उद्देश्य अब सिर्फ सड़क निर्माण नहीं है, बल्कि प्रदेश की गति और दिशा तय करना है।

लोकपथ 2.0 ऐप की सुविधा और महत्व
सीएम यादव ने लोकपथ 2.0 ऐप की विशेषताओं का भी विवरण दिया। उन्होंने बताया कि इस ऐप से नागरिक सड़क रखरखाव की निगरानी कर सकेंगे, शिकायतों का त्वरित निवारण कर पाएंगे, रूट प्लानिंग, ब्लैक स्पॉट अलर्ट, आपातकालीन SOS सुविधा और सड़क किनारे उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ले सकेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले तकनीक मौजूद थी, लेकिन उसका सही उपयोग नहीं हो रहा था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के तहत अब तकनीक का प्रभावी इस्तेमाल हो रहा है।
कैपेसिटी बिल्डिंग फ्रेमवर्क और प्रशिक्षण पहल
लोक निर्माण विभाग के मंत्री राकेश सिंह ने बताया कि प्रदेश में पिछले 70 वर्षों में इंजीनियरों के प्रशिक्षण के लिए कोई समर्पित भवन नहीं था। अब अत्याधुनिक प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किया जाएगा। मंत्री ने कहा कि वर्चुअल बैठक के माध्यम से प्रदेश के 1700 इंजीनियरों से सुझाव लिए गए, जिनमें से 927 इंजीनियरों के सुझावों को शामिल कर कैपेसिटी बिल्डिंग फ्रेमवर्क तैयार किया गया।

मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि लोकपथ ऐप स्मार्ट ट्रैवल पार्टनर की तरह काम करेगा। यह नागरिकों को वैकल्पिक मार्ग सुझाएगा और यात्रा के दौरान ब्लैक स्पॉट की जानकारी 500 मीटर पहले ही वॉयस अलर्ट के जरिए देगा।
लोक निर्माण विभाग की नई पहल और निगरानी प्रणाली
लोक निर्माण विभाग के प्रमुख सचिव सुखबीर सिंह ने कहा कि लोकपथ एप में एक्सीडेंट, ब्लैक स्पॉट और अस्पताल की जानकारी उपलब्ध रहेगी। इस कार्यक्रम में 1500 इंजीनियर प्रशिक्षण लेने के लिए शामिल हुए। विभाग ने लोक कल्याण सूचकांक, डैशबोर्ड और पुरस्कार व्यवस्था भी लागू की है, जिससे कर्मचारियों और अधिकारियों को प्रोत्साहित किया जा सके।
लोकपथ एप वर्तमान में प्रदेश की सभी मरम्मत योग्य नेशनल हाईवे, स्टेट हाईवे, मुख्य और अन्य जिला मार्गों की जानकारी प्रदान करता है। ऐप में सड़क की क्षतिग्रस्त स्थिति की फोटो और विवरण अपलोड करने की सुविधा है, जिससे शिकायत सीधे संबंधित इंजीनियर तक पहुंचती है। मरम्मत चार दिन में की जाती है और सुधार की फोटो अपलोड की जाती है।
भविष्य की योजनाएं और प्रशिक्षण कार्यक्रम
कैपेसिटी बिल्डिंग फ्रेमवर्क के तहत सभी इंजीनियरों को ट्रेनिंग नीड असेसमेंट के जरिए प्रशिक्षण की जरूरतें समझी गईं। इसमें कार्यशाला, फील्ड डेमो, केस स्टडी और तकनीकी सेमिनार शामिल हैं। प्रशिक्षण कैलेंडर के अनुसार रिफ्रेशर कार्यक्रम और विभिन्न प्रशिक्षण रूप होंगे।
सीएम यादव और मंत्री राकेश सिंह ने यह भी बताया कि प्रदेश की अन्य तकनीकी रूप से उन्नत राज्य अब मध्यप्रदेश के लोक निर्माण विभाग के नवाचारों को अपनाने के लिए तैयार हैं। आगामी समय में ट्री शिफ्टिंग और अन्य तकनीकी कार्यशालाओं का आयोजन भी किया जाएगा।