रहली। जिला पंचायत सदस्य इंजीनियर ज्योति पटेल के भाई पर एससी-एसटी एक्ट की धाराओं में मामला दर्ज होने के बाद शनिवार को रहली थाना परिसर में जमकर हंगामा हुआ। एफआईआर से नाराज कांग्रेस नेत्री ज्योति पटेल थाने में ही धरने पर बैठ गईं। कुछ ही देर में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता भी थाने पहुंच गए और पुलिस के विरोध में नारेबाजी करते हुए धरना दिया। यह धरना शाम करीब 7.30 बजे तक चला।
धरने के दौरान कांग्रेसजनों ने मामले में निष्पक्ष पुनः जांच की मांग करते हुए एसडीओपी को ज्ञापन सौंपा। एसडीओपी द्वारा निष्पक्ष विवेचना का आश्वासन दिए जाने के बाद कांग्रेस ने धरना समाप्त किया।
क्या है पूरा मामला
जानकारी के अनुसार पटनाबुजुर्ग निवासी लखन अहिरवार गुरुवार रात करीब 8 बजे पटनाबुजुर्ग स्थित पेट्रोल पंप पर पेट्रोल भरवाने गया था। उसने 20 रुपए का पेट्रोल डलवाया, लेकिन जेब में रखे 10 रुपए कहीं गिर जाने के कारण वह मौके पर सिर्फ 10 रुपए ही दे सका। पेट्रोल पंप पर मौजूद कर्मचारी ने उससे कहा कि वह गाड़ी वहीं खड़ी कर पैसे लेकर आए। इस पर लखन ने खुद को पटनाबुजुर्ग का निवासी बताते हुए भरोसा दिलाया।

बताया जा रहा है कि इसी दौरान कर्मचारी ने सूर्या पटेल को बुला लिया। जब लखन पैसे लेने अपने घर की ओर जा रहा था, तभी रास्ते में सूर्या पटेल और एक अन्य व्यक्ति ने उसके साथ कथित तौर पर मारपीट की।
मामला दर्ज होते ही बदले फरियादी के सुर
घटना के दो दिन बाद शनिवार को लखन अहिरवार की शिकायत पर पुलिस ने सूर्या पटेल सहित एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट समेत अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया। एफआईआर दर्ज होने के कुछ ही देर बाद फरियादी लखन अहिरवार के बयान बदलते नजर आए। उसने थाना परिसर में मौजूद रहते हुए कहा कि घटना के संबंध में अब राजीनामा हो चुका है। उसने अपनी इच्छा से एफआईआर दर्ज कराई थी, लेकिन अब वह किसी प्रकार की कानूनी कार्रवाई नहीं चाहता और समझौते के लिए तैयार है।
कांग्रेस नेत्री का आरोप – जबरन दर्ज कराई गई एफआईआर
कांग्रेस नेत्री ज्योति पटेल ने आरोप लगाया कि उनके भाई पर जबरदस्ती एफआईआर दर्ज करवाई गई है। उन्होंने कहा कि जब फरियादी स्वयं समझौते की बात कह रहा है, तो फिर मामला दर्ज करना पुलिस की मंशा पर सवाल खड़े करता है। उनका कहना है कि पूरे मामले में निष्पक्ष जांच नहीं की गई और राजनीतिक षडयंत्र के तहत कार्रवाई की गई है।
शराब बंदी मुहिम से जोड़कर देख रहा कांग्रेस
कांग्रेस नेता बीडी पटेल ने भी मामले को साजिश करार दिया। उन्होंने कहा कि शनिवार को पटनाबुजुर्ग के समीप ग्राम समनापुर में शराब बंदी की मुहिम के तहत बैठक आयोजित की गई थी। इस जनआंदोलन को रोकने और दबाव बनाने के उद्देश्य से ही एफआईआर दर्ज कराने का षडयंत्र रचा गया है।
पुलिस का पक्ष – निष्पक्ष विवेचना का भरोसा
धरना और विरोध की सूचना पर मौके पर पहुंचे एसडीओपी ने कांग्रेस नेताओं से चर्चा की और पूरे मामले की निष्पक्ष विवेचना कराने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि जांच तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी। इसके बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने धरना समाप्त कर दिया।
फिलहाल मामला जांच के दायरे में है और पुलिस की आगे की कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।