भोपाल।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि आज़ादी के बाद देश के उन युवाओं के संघर्ष और बलिदान को व्यवस्थित रूप से सामने लाने का काम नहीं हुआ, जिन्होंने अपना सर्वस्व राष्ट्र के लिए न्योछावर कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि पंडित जवाहरलाल नेहरू ने आज़ादी के बाद अतीत को भुलाने का पाप किया। यदि उस दौर में स्वतंत्रता संग्राम और बलिदानी युवाओं पर आधारित फिल्में, साहित्य और सांस्कृतिक माध्यमों से देशभक्ति का वातावरण बनाया जाता, तो नई पीढ़ी को अपने इतिहास से जोड़ने का कार्य बहुत पहले हो सकता था।
मुख्यमंत्री यह विचार 12 से 26 जनवरी तक चलने वाले ग्रामोदय से अभ्युदय मध्य प्रदेश अभियान के राज्य स्तरीय शुभारंभ अवसर पर व्यक्त कर रहे थे। कार्यक्रम में हेमंत खंडेलवाल, तथा मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद के उपाध्यक्ष मोहन नागर विशेष रूप से उपस्थित रहे।

मनोज कुमार ने सिनेमा से जीवित रखी राष्ट्रभक्ति
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जब सरकारें अपने दायित्व निभाने में चूक गईं, तब मनोज कुमार ने उपकार, शहीद और क्रांति जैसी फिल्मों के माध्यम से देशभक्ति की भावना को जीवित रखा। उन्होंने कहा कि इन फिल्मों ने आम जनमानस, विशेषकर युवाओं, को राष्ट्र के प्रति भावनात्मक रूप से जोड़े रखा।
क्रांतिकारी युवाओं के बलिदान को किया याद
मुख्यमंत्री ने मदनलाल धींगरा, सुभाष चंद्र बोस और चंद्रशेखर आजाद जैसे क्रांतिकारियों का स्मरण करते हुए कहा कि भारत की आज़ादी युवाओं के बलिदान की देन है। इन युवाओं ने अपना पूरा जीवन देश के लिए समर्पित कर दिया, लेकिन दुर्भाग्य से आज़ादी के बाद उनके संघर्षों को राष्ट्रीय चेतना का हिस्सा नहीं बनाया गया।

मोदी के नेतृत्व में भारत बना वैश्विक ताकत
सीएम ने कहा कि आज नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत, जापान और इज़राइल जैसे शक्तिशाली देशों की श्रेणी में खड़ा है। उन्होंने पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों पर की गई कार्रवाई का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत अब दुश्मनों को उनके घर में घुसकर जवाब देने में सक्षम है। इससे देश का मान-सम्मान बढ़ा है और भारत आर्थिक रूप से भी सशक्त हुआ है।
विरासत से विकास की ओर भारत
मुख्यमंत्री ने सोमनाथ मंदिर और राम मंदिर अयोध्या का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत आज विरासत से विकास की यात्रा पर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा—“मिटाने वाले मिट गए, लेकिन सोमनाथ की ध्वजा आज भी लहरा रही है। अयोध्या में भगवान राम का मुस्कराना सांस्कृतिक पुनर्जागरण का प्रतीक है।”

जन अभियान परिषद: शासन और समाज की धुरी
सीएम डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद शासन और समाज के बीच की मजबूत कड़ी है। परिषद की नवांकुर संस्थाएं और प्रस्फुटन समितियां जैविक खेती, युवाओं की रैलियों, योग-ध्यान और सामाजिक अभियानों में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। सरकार की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में परिषद की भूमिका बेहद अहम है।
सरकारी योजनाएं गांव-गांव तक पहुंचें: खंडेलवाल
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि ग्रामोदय से अभ्युदय अभियान प्रधानमंत्री मोदी की सोच का परिणाम है। उन्होंने युवाओं, किसानों और महिलाओं के हित में सरकार के कार्यों को गांव-गांव तक पहुंचाने का आह्वान किया और कहा कि अगली बैठक में सभी अपने किए गए कार्यों का विवरण लेकर आएं।
अभियान के प्रमुख उद्देश्य
इस अभियान के माध्यम से:
- ग्रामोत्सव
- चौपाल
- रैली
- सामूहिक श्रमदान
- परिवार संपर्क कार्यक्रम
आयोजित किए जाएंगे।
जैविक कृषि, गो-संरक्षण, शिक्षा-संपन्न समाज, सामाजिक समरसता, नागरिक कर्तव्य, नशामुक्ति, जल-संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण, स्वदेशी और स्वावलंबन जैसे विषयों पर विशेष फोकस रहेगा।
313 ब्लॉकों से 650 युवाओं की भागीदारी
राज्य स्तरीय शुभारंभ कार्यक्रम में प्रदेश के 313 विकासखंडों से परिषद नेटवर्क से जुड़े 650 युवा शामिल हुए। इसी अवसर पर ‘युवा जन अभियान योजना’ का भी शुभारंभ किया गया।
इस व्यापक जनआंदोलन में नवांकुर संस्थाएं, प्रस्फुटन समितियां, CMCLDP के विद्यार्थी, स्वैच्छिक, धार्मिक, सामाजिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक संगठन तथा शासन का मैदानी अमला सक्रिय भूमिका निभाएगा।