दतिया।
शासकीय प्रधानमंत्री एक्सीलेंस पीजी कॉलेज में सोमवार सुबह 9 बजे सामूहिक सूर्य नमस्कार कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह आयोजन स्वामी विवेकानंद जयंती एवं राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर आयोजित राज्यव्यापी कार्यक्रमों की श्रृंखला का हिस्सा था। कार्यक्रम में जिले के प्रभारी मंत्री एंदल सिंह कंसाना मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।
जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने किया सामूहिक सूर्य नमस्कार
कार्यक्रम में प्रभारी मंत्री कंसाना के साथ प्रदीप अग्रवाल, भाजपा जिलाध्यक्ष रघुवीर सिंह कुशवाहा, भाजपा नेता प्रशांत ढेंगुला, धीरू दांगी और बृजेश यादव सहित कई जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, कॉलेज प्रबंधन, प्राध्यापक और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
प्रभारी मंत्री ने सभी जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के साथ पंक्तिबद्ध होकर सूर्य नमस्कार किया। आयोजन पूरे अनुशासन और सामूहिक सहभागिता के साथ संपन्न हुआ, जिसे उपस्थित लोगों ने प्रेरणादायक बताया।

योग को जीवन का हिस्सा बनाने का संदेश
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने योग और सूर्य नमस्कार के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि नियमित योग अभ्यास से न केवल शरीर स्वस्थ रहता है, बल्कि मानसिक संतुलन और सकारात्मक सोच भी विकसित होती है। युवाओं से आह्वान किया गया कि वे योग को अपनी दिनचर्या का अभिन्न हिस्सा बनाएं।
सूर्य नमस्कार के बाद हुई प्रेस वार्ता
कार्यक्रम के पश्चात प्रभारी मंत्री एंदल सिंह कंसाना ने पत्रकारों से चर्चा की। इस दौरान उन्होंने केंद्र सरकार की नीतियों का उल्लेख करते हुए कहा कि मनरेगा को बंद कर नई योजना “VG G RAM G योजना” शुरू किए जाने पर विचार किया जा रहा है। मंत्री के अनुसार इस प्रस्तावित योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर सृजित करना और विकास कार्यों को और अधिक गति देना है।
उन्होंने कहा कि सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए वैकल्पिक और प्रभावी योजनाओं पर काम कर रही है, जिससे गांवों में ही लोगों को रोजगार उपलब्ध हो सके।
पत्रकारों के सवालों से बचते नजर आए मंत्री
हालांकि प्रेस वार्ता के दौरान जब पत्रकारों ने मनरेगा बंद होने से मजदूरों पर पड़ने वाले संभावित प्रभाव, नई योजना की रूपरेखा, बजट और क्रियान्वयन की स्पष्ट जानकारी को लेकर सवाल पूछे, तो प्रभारी मंत्री ने इन पर सीधे जवाब देने से परहेज किया। उन्होंने सामान्य और औपचारिक बातें कहते हुए चर्चा को समाप्त कर दिया।
अनुशासन और सहभागिता का रहा उदाहरण
कुल मिलाकर सामूहिक सूर्य नमस्कार कार्यक्रम अनुशासन, एकजुटता और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता का संदेश देने वाला रहा। बड़ी संख्या में छात्रों और जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति ने कार्यक्रम को सफल बनाया, वहीं प्रेस वार्ता में उठे सवालों ने आगामी योजनाओं को लेकर चर्चाओं को भी जन्म दे दिया है।