प्रदेश में प्राथमिक शिक्षा से जुड़े एक परीक्षा प्रश्न पत्र को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। इस मामले को लेकर कई स्थानों पर छात्रों, अभिभावकों और समाजिक संगठनों द्वारा विरोध प्रदर्शन किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में आज विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने इस मामले को गंभीर विषय बताते हुए सरकार और प्रशासन से तत्काल उचित कार्रवाई की मांग की है।
विश्व हिंदू परिषद के पदाधिकारियों ने आज रायपुर कलेक्टर से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में परिषद ने बताया कि महासमुंद जिले में कक्षा 4 की अर्धवार्षिक परीक्षा के प्रश्न पत्र में हिंदू समाज के आराध्य भगवान श्रीराम से संबंधित एक प्रश्न शामिल किया गया था, जिससे समाज के धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं।
विश्व हिंदू परिषद के वरिष्ठ पदाधिकारी ने कहा, “शिक्षा के माध्यम से बच्चों में ज्ञान और संवेदनशीलता का विकास होना चाहिए, लेकिन यदि ऐसे प्रश्नों के कारण धार्मिक भावनाएं आहत होती हैं, तो यह गंभीर चिंता का विषय है। प्रशासन को इस तरह के मामलों पर संवेदनशीलता के साथ ध्यान देना चाहिए।”

परिषद ने बताया कि राज्य के अन्य जिलों से भी इस तरह के विषय पहले सामने आ चुके हैं। ऐसे मामलों में समय रहते जांच और उचित कार्रवाई करना जरूरी है। परिषद ने प्रशासन से आग्रह किया कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदारों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
विश्व हिंदू परिषद ने चेतावनी भी दी है कि यदि मामले में उचित कदम नहीं उठाए गए, तो संगठन आने वाले समय में बड़ा प्रदर्शन और आंदोलन करने के लिए मजबूर होगा।
इस मामले ने शिक्षा विभाग की नीतियों और प्रश्न पत्र तैयार करने की प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि धार्मिक भावनाओं का सम्मान करते हुए पाठ्यक्रम और परीक्षा सामग्री तैयार करना अत्यंत आवश्यक है।
इस विवाद ने प्रदेश में शिक्षा और धार्मिक भावनाओं के संतुलन को लेकर एक नई बहस शुरू कर दी है, और अगले कुछ दिनों में प्रशासन की ओर से उठाए जाने वाले कदम पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।