रहली | सागर जिले के रहली क्षेत्र में वन विभाग की टीम ने बुधवार सुबह सागौन की लकड़ी का अवैध परिवहन करते हुए एक पिकअप वाहन को पकड़ा है। टीम ने बिहारी ढाबा के पास घेराबंदी कर 15 नग सागौन के लट्ठे जब्त किए हैं, जिनकी कीमत करीब डेढ़ से दो लाख रुपए आंकी गई है। कार्रवाई के दौरान मौके से ड्राइवर समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जबकि बाइक पर आगे चल रहा उनका एक साथी फरार हो गया।
मुखबिर की सूचना पर की गई घेराबंदी
वन विभाग के अनुसार, मुखबिर से सूचना मिली थी कि जमुनिया से रहली मार्ग पर एक पिकअप वाहन में बड़ी मात्रा में सागौन की लकड़ी का अवैध परिवहन किया जा रहा है। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम ने तत्परता दिखाते हुए रहली मार्ग पर स्थित बिहारी ढाबा के पास घेराबंदी कर पिकअप वाहन (क्रमांक MP 15 ZH 1397) को रोका।
टीम को देखकर वाहन में सवार आरोपी भागने का प्रयास करने लगे, लेकिन वनकर्मियों ने पीछा कर उन्हें पकड़ लिया। वहीं पिकअप के आगे बाइक पर चल रहा आरोपी अंशुल ठाकुर मौके से फरार हो गया।

त्रिपाल हटाते ही खुला राज
पिकअप वाहन की तलाशी लेने पर ऊपर से त्रिपाल से ढकी हुई सागौन की लकड़ी मिली। जब त्रिपाल हटाई गई, तो वाहन में सागौन के 15 बड़े लट्ठे भरे हुए पाए गए। पूछताछ में ड्राइवर ने अपना नाम प्रमोद कोरी (40), पिता प्यारेलाल कोरी और साथ बैठे युवक ने अपना नाम राहुल सेन (24), पिता परमसुख सेन बताया। दोनों आरोपी पृथ्वी वार्ड, देवरी के निवासी हैं।
केसली के जंगल से काटकर लाई गई थी लकड़ी
मामले की जानकारी देते हुए कुंवर प्रताप सिंह ने बताया कि पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ में सामने आया है कि सागौन की लकड़ी केसली क्षेत्र के घाना बाकोरी की पहाड़ी से अवैध रूप से काटी गई थी। यह लकड़ी छोटू राठौर के कहने पर रहली क्षेत्र में लाई जा रही थी।
वन अधिनियम के तहत मामला दर्ज
वन विभाग ने पिकअप वाहन और सागौन की लकड़ी जब्त कर ली है। आरोपियों के खिलाफ वन अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। फरार आरोपी अंशुल ठाकुर की तलाश जारी है और जल्द ही उसकी गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।
वन विभाग का कहना है कि क्षेत्र में अवैध लकड़ी कटाई और परिवहन के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और इस तरह की गतिविधियों में शामिल लोगों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।