छतरपुर जिले के नौगांव थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम कीरतपुर स्थित शासकीय प्राथमिक शाला में एक गंभीर और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां एक शराबी युवक ने स्कूल परिसर के मुख्य गेट पर लाठी-डंडों से हमला कर जमकर उत्पात मचाया। घटना के समय स्कूल में कक्षाएं संचालित हो रही थीं, जिससे स्कूल में मौजूद शिक्षक और छोटे-छोटे बच्चे दहशत में आ गए। इस पूरी घटना का वीडियो अब सामने आया है, जिसने स्कूल सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
वीडियो में दिखा आरोपी का आतंक
सामने आए वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि आरोपी युवक स्कूल के मुख्य गेट पर लाठी-डंडे बरसाते हुए गाली-गलौज कर रहा है। वह शिक्षकों और बच्चों को जान से मारने की धमकी देता हुआ भी सुनाई दे रहा है। अचानक हुए इस हमले से स्कूल में अफरा-तफरी मच गई। बच्चे रोने लगे और स्कूल स्टाफ ने तुरंत गेट बंद कर खुद को सुरक्षित किया।
दिसंबर के अंतिम सप्ताह की है घटना
स्कूल स्टाफ के अनुसार यह घटना दिसंबर के अंतिम सप्ताह की है, लेकिन आरोपी की दहशत के कारण वीडियो करीब 15 दिन तक सामने नहीं आ सका। बताया गया कि आरोपी युवक गांव में ही मौजूद था, जिससे शिक्षक और ग्रामीण भयभीत थे। युवक के गांव से बाहर चले जाने के बाद ही 16 जनवरी को यह वीडियो सार्वजनिक हो पाया।

डर के कारण नहीं हुई पुलिस में शिकायत
मामले में स्कूल की प्रभारी प्राचार्य रामसिया पटेल ने बताया कि घटना के बाद पुलिस में शिकायत दर्ज नहीं कराई गई। उन्होंने कहा कि गांव का माहौल खराब न हो और स्कूल आने-जाने में परेशानी न हो, इसी डर से आपसी समझौते का रास्ता अपनाया गया। उन्हें आशंका थी कि शिकायत करने पर स्थिति और ज्यादा बिगड़ सकती है।
शिकायत न करने का बनाया गया दबाव
नाम न बताने की शर्त पर वीडियो उपलब्ध कराने वाले व्यक्ति ने बताया कि घटना के बाद स्कूल स्टाफ में भारी दहशत थी। आरोप है कि शिकायत न करने के लिए दबाव भी बनाया गया और जिम्मेदार अधिकारियों ने भी मामले को गंभीरता से नहीं लिया।
पहले भी हो चुकी है स्कूल में हत्या
गौरतलब है कि इससे पहले छतरपुर जिला मुख्यालय के पास स्थित धमोरा स्कूल में एक छात्र द्वारा प्रिंसिपल की गोली मारकर हत्या की जा चुकी है। इसके बावजूद स्कूल परिसरों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन की लापरवाही लगातार चिंता का विषय बनी हुई है।
अधिकारियों के बयान पर उठे सवाल
मामले में जिला शिक्षा अधिकारी पांडे से संपर्क करने पर उन्होंने विवादित बयान देते हुए कहा कि मामला आपसी समझौते से निपट गया है और युवक ने केवल गेट पर लाठी-डंडे मारे, किसी को शारीरिक नुकसान नहीं पहुंचाया।
वहीं जिला पंचायत सीईओ नमः शिवाय जारिया ने कहा कि यदि कोई कानूनी प्रावधान बनता है तो कार्रवाई की जाएगी, फिलहाल वे बैठक में व्यस्त हैं।
विशेषज्ञों ने जताई चिंता
शिक्षा और बाल सुरक्षा से जुड़े विशेषज्ञों का कहना है कि स्कूल जैसे संवेदनशील स्थानों पर इस तरह की घटनाओं को नजरअंदाज करना बेहद खतरनाक है। यदि समय रहते सख्त कार्रवाई नहीं की गई, तो भविष्य में इससे बड़े और गंभीर हादसे हो सकते हैं।
यह मामला न केवल स्कूलों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है, बल्कि प्रशासनिक उदासीनता को भी उजागर करता है, जो बच्चों और शिक्षकों की सुरक्षा के लिए गंभीर चिंता का विषय है।