भोपाल: 22 साल से मध्य प्रदेश में सत्ता में काबिज भाजपा अब अपने कार्यकर्ताओं की नाराजगी कम करने और समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के लिए एक नई व्यवस्था शुरू करने जा रही है। प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के निर्देश पर प्रदेश कार्यालय में सहयोग सेल की शुरुआत की गई है।
सहयोग सेल की आवश्यकता
प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद भी प्रदेश कार्यालय में नेताओं और कार्यकर्ताओं की भीड़ लगातार लगती रही। इनमें कई ऐसे कार्यकर्ता भी शामिल थे जिनकी समस्याओं का समाधान जिला स्तर पर ही संभव था।
हेमंत खंडेलवाल ने इस भीड़ को कम करने और कार्यकर्ताओं की समस्याओं का शीघ्र समाधान सुनिश्चित करने के लिए सहयोग सेल बनाने की पहल की।

सहयोग सेल की कार्यप्रणाली
सहयोग सेल में प्रदेश संयोजक और जिला संयोजक नियुक्त किए जाएंगे। इसमें रिटायर्ड आईएएस अफसरों को भी शामिल करने पर विचार किया जा रहा है।
- जिला कार्यालय में आने वाली समस्याएं यदि प्रशासनिक हैं, तो उन्हें संबंधित विभाग और जिला प्रशासन के पास भेजा जाएगा।
- पार्टी संगठन से जुड़ी समस्याओं का समाधान जिला अध्यक्ष और जिला प्रभारी करेंगे।
- जिन मामलों का समाधान जिला स्तर पर नहीं हो पा रहा है, उन्हें सीधे प्रदेश कार्यालय की सहयोग सेल के पास भेजा जाएगा। इसमें प्रशासनिक और संगठनात्मक दोनों प्रकार के मामले शामिल होंगे।
मंत्रियों और पदाधिकारियों की जिम्मेदारी
प्रदेश कार्यालय में मंत्री शनिवार से शुक्रवार तक रोज दोपहर 1 बजे से 3 बजे तक कार्यकर्ताओं से संवाद करेंगे। सहयोग सेल के माध्यम से आने वाले मामलों के लिए संबंधित विभागों के मंत्रियों और प्रदेश पदाधिकारियों की जवाबदारी तय की जाएगी।

जिला स्तर पर समन्वय
सभी जिला अध्यक्षों को निर्देशित किया गया है कि वे सहयोग सेल से संबंधित जानकारी अपने जिला पदाधिकारियों, मंडल अध्यक्षों, मोर्चा और प्रकोष्ठों के पदाधिकारियों तक पहुंचाएं। प्रत्येक जिला में एक जिला सहयोग समन्वयक नामांकित होगा, जो प्रदेश कार्यालय से संपर्क, विषय निर्धारण, समन्वय और अनुवर्ती कार्यवाही सुनिश्चित करेगा।
समय-सारणी और अनुशासन
निर्देशों में कहा गया है कि मंत्रीगण और प्रदेश पदाधिकारी अपनी घोषित उपलब्धता, दिन और समय का अनिवार्य पालन करेंगे। किसी कार्यक्रम की तिथि या समय में परिवर्तन होने पर पार्टी द्वारा सोशल मीडिया माध्यम से सूचना जारी की जाएगी।
उद्देश्य
प्रदेश कार्यालय मंत्री श्याम महाजन ने सभी जिला अध्यक्षों को पत्र जारी कर बताया कि यह सहयोग सेल पार्टी नेतृत्व और कार्यकर्ताओं के बीच संवाद, समन्वय और समस्याओं के समाधान का स्थायी माध्यम बनेगी।
पत्र के अनुसार, सहयोग सेल के माध्यम से केवल वही विषय प्रस्तुत किए जाएंगे जिनका समाधान जिला अथवा संभाग स्तर पर संभव न हो और जिनमें मंत्रीगण या प्रदेश पदाधिकारियों का हस्तक्षेप आवश्यक हो।