जबलपुर: जिले के शाहपुरा बिटोनी स्थित एथेनॉल प्लांट में कथित धान रखने की सूचना के बाद जिला प्रशासन और खाद्य विभाग की टीम ने विशेष छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान प्लांट परिसर में लगभग 28 ट्रक खड़े पाए गए, लेकिन जांच में किसी भी ट्रक या प्लांट में धान नहीं मिला। इसके बजाय वहां बड़ी मात्रा में चावल मौजूद पाया गया।
कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने बताया कि एथेनॉल प्लांट में एफसीआई और अन्य आपूर्ति श्रृंखलाओं से प्राप्त चावल का उपयोग एथेनॉल उत्पादन के लिए किया जाता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच के दौरान प्लांट में कोई धान की खेप नहीं पाई गई। जिले में धान उपार्जन की प्रक्रिया अभी भी जारी है, इसलिए प्रशासन लगातार निगरानी और जांच अभियान चला रहा है।

इसी अभियान के तहत, बेलखेड़ा पुलिस ने एक संदिग्ध ट्रक को रोका। ट्रक की जांच में पता चला कि यह गुजरात के दाहोद जिले का था और उसमें चावल भरा हुआ था। ट्रक की बिल्टी भी दाहोद की ही पाई गई। चालक ने पूछताछ में बताया कि वह चावल भोपाल-रायसेन ले जा रहा था। आवश्यक जांच के बाद ट्रक को छोड़ दिया गया।
कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने कहा कि जिले में धान और चावल के अवैध परिवहन को रोकने के लिए प्रशासन द्वारा सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। उन्होंने किसानों और व्यापारियों से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि नियमों का पालन आवश्यक है और किसी भी तरह की अवैध गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जा रही है।
यह कार्रवाई जिले में धान उपार्जन के दौरान पारदर्शिता और सही आपूर्ति सुनिश्चित करने की दिशा में प्रशासन की सतत कोशिशों का हिस्सा है।