शहडोल/अमरकंटक: इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय (IGNTU) में असम के छात्र हीरोसज्योति के साथ हुई मारपीट की घटना ने पूरे प्रदेश में गंभीर चिंता पैदा कर दी है। इस मामले पर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कड़ा रुख अपनाया और कहा कि विद्यार्थी के साथ हिंसा किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
घटना का विवरण
जानकारी के अनुसार, असम के तेजपुर जिले के बालिपारा निवासी छात्र हीरोसज्योति के साथ विश्वविद्यालय छात्रावास में मारपीट हुई। घटना के बाद विश्वविद्यालय परिसर में छात्रों का आक्रोश फूट पड़ा और छात्र-छात्राओं ने आरोपियों पर कार्रवाई की मांग की।
निष्कासन और पुलिस कार्रवाई
विश्वविद्यालय प्रशासन ने सीसीटीवी फुटेज की मदद से पांच छात्रों – अनुराग पांडे, जतिन सिंह, रजनीश त्रिपाठी, विशाल यादव और उत्कर्ष सिंह – को तुरंत निष्कासित कर दिया।
विश्वविद्यालय की अनुशासन समिति ने मामला अपने पास लेते हुए कानूनी कार्रवाई के लिए स्थानीय पुलिस को पत्र भेजा।
अनूपपुर जिले के पुलिस अधीक्षक मोतिउर रहमान ने बताया कि मारपीट करने वाले सभी पांच छात्रों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है।

मुख्यमंत्री का बयान
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि विश्वविद्यालय परिसर में किसी भी छात्र के साथ हिंसा, मारपीट या भेदभाव कानून का उल्लंघन है और यह सामाजिक सौहार्द और शैक्षणिक वातावरण को भी नुकसान पहुँचाता है। उन्होंने पुलिस और प्रशासन को निष्पक्ष, पारदर्शी और त्वरित जांच के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि मध्यप्रदेश में पढ़ाई करने आए छात्रों की सुरक्षा राज्य सरकार की जिम्मेदारी है और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए सख्ती बरती जाएगी।
छात्रों में चिंता और शिक्षा के प्रति असर
यह मामला पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बन गया है। छात्रों में डर और चिंता बढ़ी है, जबकि विश्वविद्यालय प्रशासन और पुलिस प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित करने और उचित कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए तत्परता दिखाई है।